युवाओ को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की नसीहत, बोलीं- ‘गर्लफ्रेंड बनाना गलत नहीं, लेकिन…
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने युवाओं को रिश्तों, सामाजिक जिम्मेदारियों और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिया। लखनऊ स्थित महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के सातवें दीक्षांत समारोह में उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने फैसलों के प्रति जिम्मेदार होना चाहिए। उन्होंने रिश्तों में गंभीरता और जिम्मेदारी की अहमियत समझाते हुए कहा कि गर्लफ्रेंड बनाना गलत नहीं है, लेकिन किसी कम उम्र की लड़की को मां बनने के बाद अकेला छोड़ देना उचित नहीं है।
राज्यपाल ने युवाओं को सलाह दी कि वे रिश्तों में सोच-समझकर फैसले लें और अपने वादों को निभाने का प्रयास करें। यदि किसी लड़की से शादी करने का वादा किया है, तो उसे पूरा करने की जिम्मेदारी भी समझें। उन्होंने कहा कि युवाओं को पहले आत्मनिर्भर बनना चाहिए, ताकि वे अपने परिवार की जिम्मेदारियां उठाने के योग्य बन सकें।
AI और नई तकनीक से देश के विकास में दें योगदान
आनंदीबेन पटेल ने युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करने के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि छात्रों को नई तकनीकों को सीखने और उनका सकारात्मक उपयोग करने की दिशा में प्रयास करना चाहिए। इससे देश के विकास को गति देने के साथ आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने में भी मदद मिल सकती है। इस दौरान राज्यपाल ने गुजरात सरकार में अपने पुराने कार्यकाल का जिक्र करते हुए गरीब बच्चों के लिए शुरू की गई एक पहल के बारे में भी बताया।
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में जरूरतमंद बच्चों को चना और गुड़ उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई थी। इसका उद्देश्य बच्चों के पोषण और उनके बेहतर विकास में सहयोग करना था।
गलत संगत से बचें, सकारात्मक सोच को अपनाएं
राज्यपाल ने छात्रों से गलत गतिविधियों से दूर रहने और अपने साथियों को भी सही रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अच्छी संगत व्यक्ति के विचारों और व्यवहार को बेहतर बनाती है। वहीं, गलत संगत का असर जीवन की दिशा पर भी पड़ सकता है।
अपनी बात समझाने के लिए आनंदीबेन पटेल ने पानी का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि पानी में लगातार गंदगी मिलाई जाए, तो वह दूषित हो जाता है। इसके विपरीत, उसे साफ रखने का प्रयास किया जाए, तो उसकी शुद्धता बनी रहती है। इसी तरह समाज में अच्छे विचारों, सही ज्ञान और संस्कारों को बढ़ावा देना जरूरी है।
राज्यपाल ने युवाओं को संदेश दिया कि वे अपने जीवन में सही मूल्यों को अपनाएं, जिम्मेदार नागरिक बनें और अपनी प्रतिभा का इस्तेमाल देश व समाज की बेहतरी के लिए करें।
