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बिजलीकर्मियों के लिए बड़ी खुशखबरी! 19 जिलों में हटाए गए संविदा कर्मचारियों को फिर मिलेगी नौकरी

 
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उत्तर प्रदेश में उम्र सीमा पूरी होने के कारण नौकरी से हटाए गए संविदा बिजलीकर्मियों के लिए राहत भरी खबर है। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने ऐसे कर्मचारियों को दोबारा सेवा में लेने की तैयारी शुरू कर दी है। इस फैसले से उन बिजलीकर्मियों को फिर से काम मिलने की उम्मीद जगी है, जिन्हें 55 साल की उम्र पूरी होने या स्वीकृत पदों से अधिक संख्या होने के कारण उपकेंद्रों से हटा दिया गया था। दोबारा नियुक्ति मिलने पर ये कर्मचारी 60 साल की उम्र तक अपनी सेवाएं दे सकेंगे।

19 जिलों के हटाए गए कर्मचारियों को मिलेगा मौका

मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के अंतर्गत आने वाले 19 जिलों में पहले 55 साल की उम्र पूरी करने वाले संविदा बिजलीकर्मियों को सेवा से हटा दिया गया था। इसके अलावा स्वीकृत पदों से अधिक कर्मचारियों की संख्या होने के चलते करीब 25 फीसदी संविदा कर्मियों की छंटनी भी की गई थी।

अब निगम ने ऐसे कर्मचारियों को दोबारा काम पर रखने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है। निगम के निदेशक (कार्मिक प्रबंधन एवं प्रशासन) राजेंद्र प्रताप सिंह ने 4 नवंबर को सभी जोनल मुख्य अभियंताओं को पत्र भेजकर हटाए गए कर्मचारियों को चिह्नित करने और उनकी सूची तैयार करने को कहा है। यह रिपोर्ट 15 नवंबर तक प्रबंध निदेशक कार्यालय को भेजनी होगी।

तीन सदस्यीय कमेटी करेगी पात्र कर्मचारियों की पहचान

संविदा बिजलीकर्मियों की वापसी के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी हटाए गए कर्मचारियों से आवेदन लेगी और उनके दस्तावेजों की जांच के साथ पात्रता का आकलन करेगी। इसके बाद योग्य कर्मचारियों की सूची तैयार कर निगम मुख्यालय को भेजी जाएगी।

मुख्यालय स्तर पर रिपोर्ट की समीक्षा के बाद दोबारा नियुक्ति को लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यानी फिलहाल कर्मचारियों की वापसी की प्रक्रिया शुरू हुई है, अंतिम नियुक्ति पात्रता और मुख्यालय के निर्णय के आधार पर होगी।

इन कर्मचारियों को नहीं मिलेगा दोबारा नौकरी का मौका

निगम के इस फैसले का लाभ सभी हटाए गए संविदा कर्मचारियों को नहीं मिलेगा। भ्रष्टाचार या अन्य गंभीर मामलों में निष्कासित किए गए कर्मचारियों को दोबारा नौकरी पर रखने की अनुमति नहीं होगी।

हालांकि, जिन कर्मचारियों को 55 साल की उम्र पूरी होने या स्वीकृत पदों से अधिक संख्या होने के कारण हटाया गया था, वे दोबारा सेवा में आने की प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे।

इन 19 जिलों के कर्मचारियों को मिलेगी राहत

मध्यांचल विद्युत वितरण निगम की इस प्रक्रिया में लखनऊ, रायबरेली, उन्नाव, हरदोई, सीतापुर, लखीमपुर, बाराबंकी, अयोध्या, बहराइच, गोंडा, श्रावस्ती, बलरामपुर, अंबेडकरनगर, सुल्तानपुर, अमेठी, बरेली, शाहजहांपुर, बदायूं और पीलीभीत के संविदा बिजलीकर्मी शामिल हैं।

इन जिलों के बिजली उपकेंद्रों से हटाए गए कुशल और अकुशल कर्मचारियों को फिर से काम मिलने की उम्मीद है। अकेले लखनऊ में ऐसे कर्मचारियों की संख्या करीब 550 बताई जा रही है।

कुल मिलाकर मध्यांचल विद्युत वितरण निगम का यह कदम उन संविदा बिजलीकर्मियों के लिए बड़ी राहत लेकर आ सकता है, जिन्हें उम्र सीमा या कर्मचारियों की अधिक संख्या के चलते नौकरी छोड़नी पड़ी थी। अब उनकी निगाहें 15 नवंबर तक तैयार होने वाली सूची और निगम मुख्यालय के अगले फैसले पर टिकी हैं।