यूपी में गर्मी ढा रही सितम, 31 शहरों में लू का अलर्ट, 25 जून तक राहत के संकेत नहीं
उत्तर प्रदेश में मानसून की दस्तक में हो रही देरी का असर अब साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। रविवार को ज्यादातर शहरों में तेज धूप निकलने से तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि हवा की रफ्तार कम होने के कारण उमस ने हालात और मुश्किल कर दिए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल प्रदेश में व्यापक बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि, बादलों की आवाजाही बनी रहने के कारण कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। इसके बावजूद गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं।
गर्मी का असर केवल लोगों पर ही नहीं, बल्कि वन्यजीवों पर भी देखने को मिल रहा है। गोरखपुर चिड़ियाघर में बाघिन दिनभर गर्मी से बचने के लिए स्विमिंग पूल में बैठी रहती है और शाम को तापमान कम होने पर ही बाहर निकलती है। वहीं कानपुर चिड़ियाघर में गैंडे को राहत देने के लिए विशेष स्प्रिंकलर लगाए गए हैं, जिनकी पानी की फुहारों में वह दिनभर ठंडक तलाशता नजर आता है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने रविवार को प्रदेश के 31 जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून फिलहाल यूपी-बिहार सीमा पर ही ठहरा हुआ है। पिछले आठ से नौ दिनों से इसकी प्रगति महराजगंज के आसपास रुक गई है, जिससे प्रदेश में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि 23 जून के बाद मानसून दोबारा सक्रिय हो सकता है और 25 जून तक उत्तर प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। तब तक पूर्वांचल और बुंदेलखंड के कई जिलों में गर्म हवाएं चलने तथा तापमान सामान्य से अधिक बने रहने की संभावना है।
शनिवार को लखनऊ, हाथरस और सोनभद्र समेत छह जिलों में हुई बारिश से लोगों को कुछ समय के लिए राहत जरूर मिली, लेकिन गर्मी का असर बरकरार रहा। बांदा देश का सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया, जहां अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदेश में अगले तीन से चार दिनों तक भीषण गर्मी का दौर जारी रह सकता है। तापमान में और वृद्धि होने के साथ ही लू की स्थिति गंभीर होने की आशंका है। मानसून की धीमी रफ्तार को देखते हुए लोगों को अभी कम से कम पांच दिन और गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
