उन्नाव एक्सप्रेस-वे पर बड़ा हादसा: डबल डेकर बस पलटी, दरोगा-कैदी समेत 6 की मौत, 21 घायल
May 26, 2026, 10:04 IST
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उत्तर प्रदेश के उन्नाव में मंगलवार सुबह लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। दिल्ली से बिहार जा रही डबल डेकर एसी बस अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में दरोगा और कैदी समेत 6 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 3 पुलिसकर्मियों सहित 21 लोग घायल हो गए।
हादसा औरास थाना क्षेत्र में एक्सप्रेस-वे के माइलस्टोन 262 के पास सुबह करीब 5 बजे हुआ। बस में करीब 30 यात्री सवार थे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ड्राइवर को झपकी आने के कारण बस का नियंत्रण बिगड़ गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस तेज रफ्तार में थी। अचानक चालक ने नियंत्रण खो दिया और बस डिवाइडर से टकराकर सड़क किनारे लगी रेलिंग पर लटक गई। हादसा इतना भीषण था कि कई यात्री बस की खिड़कियों से नीचे जा गिरे। एक यात्री का पैर कटकर अलग हो गया।
दरोगा और कैदी की भी गई जान
मृतकों में सिवान पुलिस लाइन में तैनात दरोगा रामचंद्र राम (59) और गुरुग्राम निवासी कैदी छत्तरपाल सिंह तोमर (59) शामिल हैं। जानकारी के अनुसार बिहार पुलिस की टीम 24 मई को कैदी को गुरुग्राम कोर्ट में पेशी के लिए लेकर गई थी और वापस लौट रही थी।
इसके अलावा मृतकों में गोरखपुर निवासी सुरेश कुमार जायसवाल और विदेशी गुप्ता, बस्ती निवासी विजय कुमार भी शामिल हैं। एक मृतक की पहचान अब तक नहीं हो सकी है।
घायलों को अस्पताल पहुंचाने में जुटी पुलिस
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। एक्सप्रेस-वे के किनारे ढलान पर घायल यात्री तड़पते रहे। सूचना मिलते ही पुलिस और राहत टीमें मौके पर पहुंचीं। 6 से 7 एंबुलेंस की मदद से कुल 27 घायलों को पास के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।
अस्पताल में फर्श तक खून से भर गया और घायल दर्द से कराहते रहे। डॉक्टरों ने 6 लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल 20 यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए King George's Medical University ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। एक महिला को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
हादसे के बाद लगा लंबा जाम
दुर्घटना के बाद एक्सप्रेस-वे पर करीब आधे घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। सड़क पर लंबा जाम लग गया, जिसे बाद में पुलिस ने हटवाया।
यात्रियों ने सुनाई हादसे की दर्दनाक कहानी
घायल यात्री बृजेश कुमार ने बताया कि वह हरियाणा के बल्लभगढ़ से बस में सवार हुए थे। रात में सभी यात्री सो रहे थे, तभी अचानक जोरदार झटका और धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। होश आने पर उन्होंने खुद को अस्पताल में पाया।
वहीं हादसे में घायल सिपाही रामजी ने बताया कि बस में सभी लोग गहरी नींद में थे। अचानक तेज आवाज के साथ बस पलट गई और चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। बाद में पता चला कि उनके साथ यात्रा कर रहे दरोगा और कैदी की मौत हो गई।
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि तेज धमाके की आवाज सुनकर वह मौके की ओर दौड़े। वहां यात्रियों को बस की खिड़कियों से नीचे गिरते देखा। कई लोग शीशे तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
हादसे पर मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने दुख जताया है और अधिकारियों को घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं।
हादसा औरास थाना क्षेत्र में एक्सप्रेस-वे के माइलस्टोन 262 के पास सुबह करीब 5 बजे हुआ। बस में करीब 30 यात्री सवार थे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ड्राइवर को झपकी आने के कारण बस का नियंत्रण बिगड़ गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस तेज रफ्तार में थी। अचानक चालक ने नियंत्रण खो दिया और बस डिवाइडर से टकराकर सड़क किनारे लगी रेलिंग पर लटक गई। हादसा इतना भीषण था कि कई यात्री बस की खिड़कियों से नीचे जा गिरे। एक यात्री का पैर कटकर अलग हो गया।
दरोगा और कैदी की भी गई जान
मृतकों में सिवान पुलिस लाइन में तैनात दरोगा रामचंद्र राम (59) और गुरुग्राम निवासी कैदी छत्तरपाल सिंह तोमर (59) शामिल हैं। जानकारी के अनुसार बिहार पुलिस की टीम 24 मई को कैदी को गुरुग्राम कोर्ट में पेशी के लिए लेकर गई थी और वापस लौट रही थी।
इसके अलावा मृतकों में गोरखपुर निवासी सुरेश कुमार जायसवाल और विदेशी गुप्ता, बस्ती निवासी विजय कुमार भी शामिल हैं। एक मृतक की पहचान अब तक नहीं हो सकी है।
घायलों को अस्पताल पहुंचाने में जुटी पुलिस
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। एक्सप्रेस-वे के किनारे ढलान पर घायल यात्री तड़पते रहे। सूचना मिलते ही पुलिस और राहत टीमें मौके पर पहुंचीं। 6 से 7 एंबुलेंस की मदद से कुल 27 घायलों को पास के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।
अस्पताल में फर्श तक खून से भर गया और घायल दर्द से कराहते रहे। डॉक्टरों ने 6 लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल 20 यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए King George's Medical University ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। एक महिला को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
हादसे के बाद लगा लंबा जाम
दुर्घटना के बाद एक्सप्रेस-वे पर करीब आधे घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। सड़क पर लंबा जाम लग गया, जिसे बाद में पुलिस ने हटवाया।
यात्रियों ने सुनाई हादसे की दर्दनाक कहानी
घायल यात्री बृजेश कुमार ने बताया कि वह हरियाणा के बल्लभगढ़ से बस में सवार हुए थे। रात में सभी यात्री सो रहे थे, तभी अचानक जोरदार झटका और धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। होश आने पर उन्होंने खुद को अस्पताल में पाया।
वहीं हादसे में घायल सिपाही रामजी ने बताया कि बस में सभी लोग गहरी नींद में थे। अचानक तेज आवाज के साथ बस पलट गई और चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। बाद में पता चला कि उनके साथ यात्रा कर रहे दरोगा और कैदी की मौत हो गई।
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि तेज धमाके की आवाज सुनकर वह मौके की ओर दौड़े। वहां यात्रियों को बस की खिड़कियों से नीचे गिरते देखा। कई लोग शीशे तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
हादसे पर मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने दुख जताया है और अधिकारियों को घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं।
