कानपुर के दीना मार्केट में लगी भीषण आग, दुकानदार की जिंदा जलकर मौत; 5 लोग झुलसे
Updated: Apr 25, 2026, 12:06 IST
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कानपुर के दीना मार्केट में शनिवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। आग तीन दुकानों में फैल गई, जिसमें एक दुकानदार की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि परिवार के पांच लोग झुलस गए। फायर ब्रिगेड की पांच गाड़ियां पिछले कई घंटों से आग बुझाने में जुटी रही।
प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की वजह माना जा रहा है। हादसे में घायल लोगों को घाटमपुर सीएचसी में भर्ती कराया गया है।
दुकानें और घर एक ही बिल्डिंग में थे
दीना मार्केट में तीन सगे भाइयों रामकिशन, सत्यनारायण और रज्जनलाल की किराना, कपड़ा और बिस्कुट की थोक दुकानें थीं। दुकानों के ऊपर ही परिवार रहता था। शुक्रवार रात सभी लोग खाना खाने के बाद सो गए थे।
सुबह लोगों ने दुकानों से धुआं निकलते देखा तो शोर मचाया। बड़े भाई रामकिशन (70) नीचे पहुंचे तो आग और धुएं की चपेट में आ गए। धुएं से बेहोश होकर गिर पड़े और लपटों में घिरने से उनकी मौत हो गई।
5 लोग झुलसे
हादसे में रामकिशन की पत्नी गोमती (66), बेटे हरिओम उर्फ पनक (40), बहू श्रेया, चार माह का पोता शिवार्थ और भाई सत्यनारायण की बेटी आयुषी झुलस गईं। दमकल कर्मियों ने सीढ़ी लगाकर लोगों को बाहर निकाला।
“सब कुछ जलकर राख हो गया”
परिवार के सदस्य अंकुर ने बताया कि सभी लोग सो रहे थे। शोर सुनकर उठे तो पूरा घर धुएं से भर चुका था। जब तक कुछ समझ पाते, आग कमरों तक पहुंच गई। किसी तरह जान बचाकर बाहर निकले, लेकिन दुकान और घर का सारा सामान जलकर राख हो गया।
प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की वजह माना जा रहा है। हादसे में घायल लोगों को घाटमपुर सीएचसी में भर्ती कराया गया है।
दुकानें और घर एक ही बिल्डिंग में थे
दीना मार्केट में तीन सगे भाइयों रामकिशन, सत्यनारायण और रज्जनलाल की किराना, कपड़ा और बिस्कुट की थोक दुकानें थीं। दुकानों के ऊपर ही परिवार रहता था। शुक्रवार रात सभी लोग खाना खाने के बाद सो गए थे।
सुबह लोगों ने दुकानों से धुआं निकलते देखा तो शोर मचाया। बड़े भाई रामकिशन (70) नीचे पहुंचे तो आग और धुएं की चपेट में आ गए। धुएं से बेहोश होकर गिर पड़े और लपटों में घिरने से उनकी मौत हो गई।
5 लोग झुलसे
हादसे में रामकिशन की पत्नी गोमती (66), बेटे हरिओम उर्फ पनक (40), बहू श्रेया, चार माह का पोता शिवार्थ और भाई सत्यनारायण की बेटी आयुषी झुलस गईं। दमकल कर्मियों ने सीढ़ी लगाकर लोगों को बाहर निकाला।
“सब कुछ जलकर राख हो गया”
परिवार के सदस्य अंकुर ने बताया कि सभी लोग सो रहे थे। शोर सुनकर उठे तो पूरा घर धुएं से भर चुका था। जब तक कुछ समझ पाते, आग कमरों तक पहुंच गई। किसी तरह जान बचाकर बाहर निकले, लेकिन दुकान और घर का सारा सामान जलकर राख हो गया।
