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योगी सरकार के बजट पर मायावती का हमला, बोली ‘लोकलुभावन ज्यादा, जमीनी उत्थान कम’

 
Mayawati
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बुधवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 9.13 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया। यह बजट पिछले वित्त वर्ष की तुलना में लगभग 12.2 प्रतिशत अधिक है। हालांकि, बजट पेश होने के तुरंत बाद इस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगीं।

बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने योगी सरकार के बजट पर सवाल उठाए हैं।

‘लोकलुभावन ज्यादा, वास्तविक विकास कम’

मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि विधानसभा में पेश किया गया बजट लोकलुभावन ज्यादा और जनता के वास्तविक उत्थान तथा प्रदेश में सर्वसमाज के संतुलित विकास के लिए कम प्रतीत होता है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने जो घोषणाएं और आश्वासन दिए हैं, वे कितने प्रभावी ढंग से जमीन पर उतरेंगे, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

जमीनी क्रियान्वयन पर उठाए सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर पिछले वर्ष के बजट के जमीनी क्रियान्वयन का सही और ठोस डेटा प्रस्तुत किया जाता, तो बजट भाषण अधिक विश्वसनीय बन सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा बजट भी अखबारों की सुर्खियां बटोरने वाला ज्यादा नजर आता है, जिससे लोगों की ‘अच्छे दिन’ की उम्मीदों को झटका लगा है।

रोजगार और आरक्षण पर जोर

मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश के लोगों को स्थायी आमदनी वाले रोजगार का इंतजार है और इस दिशा में सरकार को गंभीरता और सक्रियता दिखानी चाहिए।

उन्होंने एससी, एसटी और ओबीसी आरक्षण पर भी सरकार का ध्यान केंद्रित करने की मांग की। साथ ही बैकलॉग भर्तियों को जल्द से जल्द पूरा करने पर जोर दिया।

‘सर्वजन हिताय’ की नीति अपनाने की सलाह

बीएसपी सुप्रीमो ने कहा कि यदि भाजपा सरकार, बीएसपी की पूर्व सरकारों की तरह ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की संवैधानिक भावना के अनुरूप कार्य करे, तो यह प्रदेश और देशहित में बेहतर होगा।

उन्होंने कहा कि बजट किसी विशेष वर्ग या क्षेत्र तक सीमित न होकर करोड़ों गरीबों और किसानों के जीवन में वास्तविक सुधार लाने वाला होना चाहिए।