मायावती का BJP सरकार पर बड़ा हमला, बोलीं- जनकल्याण छोड़ पूंजीपतियों के हित में काम कर रही सरकार
बसपा सुप्रीमो मायावती ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनहित और जनकल्याण के मुद्दों को प्राथमिकता देने के बजाय बड़े पूंजीपतियों और धन्नासेठों के हितों को ज्यादा तवज्जो दे रही है। मायावती ने कहा कि सरकार की नीतियों में आम जनता, गरीब और कमजोर वर्गों के हितों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
मायावती ने रविवार को पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में उत्तराखंड के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों, एसआईआर के बाद मतदाता सूची की स्थिति और संभावित प्रत्याशियों के चयन की प्रगति की समीक्षा की।
SIR के बाद वोटर लिस्ट से नाम हटने पर चिंता
मायावती ने एसआईआर के बाद उत्तराखंड की मतदाता सूची से करीब नौ लाख नाम हटाए जाने को लेकर चिंता जताई। उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि पात्र मतदाताओं के नाम किसी भी स्थिति में सूची से बाहर न होने पाएं।
उन्होंने खास तौर पर गरीबों, युवाओं, महिलाओं और कमजोर वर्गों के लोगों के संवैधानिक मताधिकार की रक्षा पर जोर दिया। मायावती ने कहा कि पात्र लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए संगठन को सक्रियता के साथ काम करना चाहिए और जो कमियां सामने आ रही हैं, उन्हें समयबद्ध तरीके से दूर किया जाए।
यूपी-पंजाब चुनाव की तैयारियों की भी समीक्षा
बैठक में उत्तर प्रदेश और पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। मायावती ने पार्टी के संभावित उम्मीदवारों के चयन की प्रगति की जानकारी ली और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने के निर्देश दिए।
उन्होंने नेताओं से चुनावी तैयारियों में तेजी लाने और जमीनी स्तर पर संगठन को सक्रिय करने को कहा। साथ ही चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति और तैयारियों में किसी तरह की कमी न रहने देने पर जोर दिया।
कांशीराम की पुण्यतिथि को लेकर बड़ा फैसला
बैठक में बसपा संस्थापक कांशीराम की 9 अक्टूबर को होने वाली पुण्यतिथि को लेकर भी चर्चा हुई। मायावती ने इसे पूरी मिशनरी भावना के साथ मनाने पर जोर दिया।
उन्होंने बताया कि यूपी-दिल्ली सीमा पर बसपा सरकार के दौरान स्थापित बहुजन प्रेरणा केंद्र में फिलहाल रख-रखाव से जुड़ा सरकारी काम चल रहा है। बड़ी संख्या में लोगों के वहां जुटने पर किसी तरह की दुर्घटना की आशंका को देखते हुए इस साल वहां कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा।
मायावती ने निर्देश दिया कि सभी मंडलों के लोग लखनऊ पहुंचकर कांशीराम स्मारक स्थल पर श्रद्धासुमन अर्पित करें। वहीं, दूसरे राज्यों में जोन स्तर पर संगोष्ठियों का आयोजन कर कांशीराम को श्रद्धांजलि दी जाएगी।
