मेरठ हत्याकांड: 46 मिनट में 32 सवाल, मुस्कान-साहिल ने हत्या से किया इनकार, बोले- हम निर्दोष, हमें फंसाया गया...
Apr 22, 2026, 10:57 IST
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मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में मंगलवार को जिला अदालत में अहम सुनवाई हुई। धारा 313 के तहत हुई इस प्रक्रिया में आरोपी मुस्कान और साहिल ने कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखा। जिला जज अनुपम कुमार ने दोनों से 32-32 सवाल पूछे, जिनका जवाब देते हुए दोनों ने खुद को निर्दोष बताया और हत्या के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
करीब 46 मिनट चली इस सुनवाई में दोनों आरोपियों ने अधिकांश सवालों पर आरोपों को गलत बताया। हालांकि, शिमला, कसौल और मसूरी घूमने और वहां ठहरने की बात को स्वीकार किया।
साहिल ने कहा- ‘मैं बेगुनाह हूं’
साहिल ने कोर्ट में कहा कि उसे इस मामले में झूठा फंसाया जा रहा है। उसने बताया कि वह सिर्फ घूमने गया था और हत्या से उसका कोई लेना-देना नहीं है।
जब जज ने पूछा कि क्या वह अपनी बेगुनाही साबित करना चाहता है, तो साहिल ने कहा कि वह गवाह पेश करेगा। उसने यह भी दावा किया कि हत्या वाली रात वह मेरठ में नहीं, बल्कि दिल्ली में था।
कोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 28 अप्रैल की तारीख तय की है, जहां बचाव पक्ष अपने गवाह और साक्ष्य पेश करेगा।
मुस्कान बोली- ‘प्रॉपर्टी विवाद में फंसाया गया’
मुस्कान ने भी कोर्ट में खुद को निर्दोष बताया। उसने कहा कि प्रॉपर्टी के विवाद के चलते उसे इस केस में फंसाया गया है।
हालांकि, उसने यह माना कि वह साहिल के साथ शिमला, कसौल और मसूरी गई थी और वहां रुकी भी थी, लेकिन हत्या में शामिल होने से साफ इनकार किया।
कोर्ट में 13 महीने बाद आमना-सामना
18 मार्च 2025 के बाद यह पहला मौका था जब मुस्कान और साहिल एक साथ कोर्ट में पेश हुए। करीब डेढ़ घंटे तक दोनों एक ही जगह रहे, लेकिन कोर्ट रूम में आपस में कोई बातचीत नहीं हुई।
इसी दौरान साहिल ने पहली बार मुस्कान की बेटी राधा को भी देखा।
क्या है पूरा मामला?
मेरठ के ब्रह्मपुरी इलाके में मार्च 2025 में मर्चेंट नेवी ऑफिसर सौरभ राजपूत की हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि पत्नी मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर सौरभ की हत्या की और शव के टुकड़े कर ड्रम में सीमेंट से सील कर दिया।
17 मार्च को इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा हुआ था, जिसके बाद 18 मार्च को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
अब तक क्या हुआ?
केस में अब तक 22 गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं
अभियोजन पक्ष अपने साक्ष्य पेश कर चुका है
अब बचाव पक्ष को गवाह पेश करने का मौका मिलेगा
इसके बाद अंतिम बहस (फाइनल आर्ग्युमेंट) होगी
अब नजर 28 अप्रैल की सुनवाई पर टिकी है, जहां बचाव पक्ष अपने गवाह पेश करेगा। इसके बाद अदालत अंतिम बहस सुनकर फैसला सुरक्षित रख सकती है।
करीब 46 मिनट चली इस सुनवाई में दोनों आरोपियों ने अधिकांश सवालों पर आरोपों को गलत बताया। हालांकि, शिमला, कसौल और मसूरी घूमने और वहां ठहरने की बात को स्वीकार किया।
साहिल ने कहा- ‘मैं बेगुनाह हूं’
साहिल ने कोर्ट में कहा कि उसे इस मामले में झूठा फंसाया जा रहा है। उसने बताया कि वह सिर्फ घूमने गया था और हत्या से उसका कोई लेना-देना नहीं है।
जब जज ने पूछा कि क्या वह अपनी बेगुनाही साबित करना चाहता है, तो साहिल ने कहा कि वह गवाह पेश करेगा। उसने यह भी दावा किया कि हत्या वाली रात वह मेरठ में नहीं, बल्कि दिल्ली में था।
कोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 28 अप्रैल की तारीख तय की है, जहां बचाव पक्ष अपने गवाह और साक्ष्य पेश करेगा।
मुस्कान बोली- ‘प्रॉपर्टी विवाद में फंसाया गया’
मुस्कान ने भी कोर्ट में खुद को निर्दोष बताया। उसने कहा कि प्रॉपर्टी के विवाद के चलते उसे इस केस में फंसाया गया है।
हालांकि, उसने यह माना कि वह साहिल के साथ शिमला, कसौल और मसूरी गई थी और वहां रुकी भी थी, लेकिन हत्या में शामिल होने से साफ इनकार किया।
कोर्ट में 13 महीने बाद आमना-सामना
18 मार्च 2025 के बाद यह पहला मौका था जब मुस्कान और साहिल एक साथ कोर्ट में पेश हुए। करीब डेढ़ घंटे तक दोनों एक ही जगह रहे, लेकिन कोर्ट रूम में आपस में कोई बातचीत नहीं हुई।
इसी दौरान साहिल ने पहली बार मुस्कान की बेटी राधा को भी देखा।
क्या है पूरा मामला?
मेरठ के ब्रह्मपुरी इलाके में मार्च 2025 में मर्चेंट नेवी ऑफिसर सौरभ राजपूत की हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि पत्नी मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर सौरभ की हत्या की और शव के टुकड़े कर ड्रम में सीमेंट से सील कर दिया।
17 मार्च को इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा हुआ था, जिसके बाद 18 मार्च को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
अब तक क्या हुआ?
केस में अब तक 22 गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं
अभियोजन पक्ष अपने साक्ष्य पेश कर चुका है
अब बचाव पक्ष को गवाह पेश करने का मौका मिलेगा
इसके बाद अंतिम बहस (फाइनल आर्ग्युमेंट) होगी
अब नजर 28 अप्रैल की सुनवाई पर टिकी है, जहां बचाव पक्ष अपने गवाह पेश करेगा। इसके बाद अदालत अंतिम बहस सुनकर फैसला सुरक्षित रख सकती है।
