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यूपी में फिर एक्टिव हुआ मानसून, 31 जिलों में बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट

 
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। शनिवार सुबह से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। गोरखपुर, बरेली, आगरा समेत करीब 10 शहरों में सुबह तेज बारिश दर्ज की गई, जबकि लखनऊ, कानपुर सहित 30 से अधिक शहरों में बादल छाए रहे। मौसम विभाग (IMD) ने आज प्रदेश के 31 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।

गोरखपुर में जलभराव, सड़कें बनीं तालाब

गोरखपुर में हुई तेज बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव हो गया। सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं और कई जगह कारें आधी पानी में डूब गईं। लोगों को घुटनों तक पानी में बाइक और स्कूटी खींचकर निकलना पड़ा।

वाराणसी में बढ़ा गंगा का जलस्तर

शुक्रवार को वाराणसी, प्रयागराज, प्रतापगढ़ समेत करीब 20 जिलों में बारिश हुई। वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण ललिता घाट पर होने वाली गंगा आरती का स्थान बदलना पड़ा। अब आरती सीढ़ियों के ऊपरी और सुरक्षित स्थान पर कराई जाएगी।

वहीं, प्रतापगढ़ में बारिश के कारण पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय परिसर में पानी भर गया। प्रयागराज में नाला धंसने से एक कार उसमें फंस गई।

नदियां उफान पर, 87 गांवों पर बाढ़ का खतरा

पहााड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश का असर उत्तर प्रदेश की नदियों पर भी दिखाई दे रहा है। प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। प्रशासन की ओर से लोगों को नदी किनारे न जाने की अपील की जा रही है।

बलिया और बाराबंकी में सरयू नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। प्रशासन के अनुसार, करीब 87 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।

एक सप्ताह तक जारी रह सकता है बारिश का दौर

लखनऊ स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव (लो प्रेशर एरिया) के कारण पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश का सिलसिला शुरू हुआ है, जो अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक फैल रहा है। इसके प्रभाव से प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा और अगले एक सप्ताह तक कई इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है।

मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने और गरज-चमक के समय खुले स्थानों में न जाने की सलाह दी है।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। शनिवार सुबह से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। गोरखपुर, बरेली, आगरा समेत करीब 10 शहरों में सुबह तेज बारिश दर्ज की गई, जबकि लखनऊ, कानपुर सहित 30 से अधिक शहरों में बादल छाए रहे। मौसम विभाग (IMD) ने आज प्रदेश के 31 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।

गोरखपुर में जलभराव, सड़कें बनीं तालाब

गोरखपुर में हुई तेज बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव हो गया। सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं और कई जगह कारें आधी पानी में डूब गईं। लोगों को घुटनों तक पानी में बाइक और स्कूटी खींचकर निकलना पड़ा।

वाराणसी में बढ़ा गंगा का जलस्तर

शुक्रवार को वाराणसी, प्रयागराज, प्रतापगढ़ समेत करीब 20 जिलों में बारिश हुई। वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण ललिता घाट पर होने वाली गंगा आरती का स्थान बदलना पड़ा। अब आरती सीढ़ियों के ऊपरी और सुरक्षित स्थान पर कराई जाएगी।

वहीं, प्रतापगढ़ में बारिश के कारण पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय परिसर में पानी भर गया। प्रयागराज में नाला धंसने से एक कार उसमें फंस गई।

नदियां उफान पर, 87 गांवों पर बाढ़ का खतरा

पहााड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश का असर उत्तर प्रदेश की नदियों पर भी दिखाई दे रहा है। प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। प्रशासन की ओर से लोगों को नदी किनारे न जाने की अपील की जा रही है।

बलिया और बाराबंकी में सरयू नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। प्रशासन के अनुसार, करीब 87 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।

एक सप्ताह तक जारी रह सकता है बारिश का दौर

लखनऊ स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव (लो प्रेशर एरिया) के कारण पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश का सिलसिला शुरू हुआ है, जो अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक फैल रहा है। इसके प्रभाव से प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा और अगले एक सप्ताह तक कई इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है।

मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने और गरज-चमक के समय खुले स्थानों में न जाने की सलाह दी है।