नेहा सिंह राठौर बयान दर्ज कराने पहुंची हजरतगंज कोतवाली, पुलिस ने लौटाया, बोली- फिर बुलाएंगे...
लखनऊ। लोक गायिका नेहा सिंह राठौर शनिवार देर रात लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली में अपना बयान दर्ज कराने पहुंचीं, लेकिन करीब दो घंटे तक थाने में रुकने के बावजूद पुलिस ने उनका बयान दर्ज नहीं किया और उन्हें वापस भेज दिया। घर लौटते समय नेहा ने बताया कि पुलिस ने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि रात के समय किसी महिला का बयान दर्ज नहीं किया जा सकता। ऐसे में उन्हें दोबारा नोटिस देकर बुलाया जाएगा।
नेहा सिंह राठौर ने साफ कहा कि जब भी पुलिस उन्हें नोटिस भेजेगी, वह बयान दर्ज कराने के लिए उपस्थित होंगी। इससे पहले यह खबर सामने आई थी कि नेहा को बयान के लिए बुलाकर हिरासत में लिया गया है, हालांकि बाद में इसकी पुष्टि नहीं हुई।
पति के साथ पहुंचीं कोतवाली, वकील से लेकर गई थीं सलाह
नेहा सिंह राठौर शनिवार रात अपने पति के साथ हजरतगंज कोतवाली पहुंची थीं। उन्होंने बताया कि बयान देने से पहले उन्होंने अपने वकील से पूरी बातचीत की थी और कानूनी सलाह लेने के बाद ही पुलिस के नोटिस पर पहुंची थीं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले, 2025 में 4 मई को नेहा सिंह राठौर ने सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल से मुलाकात की थी, जिसकी तस्वीर उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा की थी।
कानूनी जानकारों ने उठाए सवाल
इस पूरे घटनाक्रम पर हाईकोर्ट के अधिवक्ता मोहित शर्मा ने कहा कि नेहा सिंह राठौर एक चर्चित चेहरा हैं और उन्हें यह जानकारी अवश्य रही होगी कि शाम के बाद न तो किसी महिला को हिरासत में लिया जा सकता है और न ही उसका बयान दर्ज किया जाता है। उनके मुताबिक, वकीलों से सलाह के बाद रणनीति के तहत नेहा रात करीब 9 बजे कोतवाली पहुंचीं।
क्या है पूरा मामला
12 मई को नेहा सिंह राठौर के गाने “चौकीदरवा कायर बा… बेटियां किसानन खातिर बनल जनरल डायर बा…” को लेकर विवाद खड़ा हुआ। आरोप लगा कि गीत के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना जनरल डायर से की गई है। इसके बाद हिंदू संगठनों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने 20 मई को वाराणसी कमिश्नरेट के तीन जोन के 15 थानों में 500 से अधिक शिकायतें दर्ज कराईं। अकेले लंका थाने में ही 318 शिकायतें दी गईं।
‘चार लाख एफआईआर भी कराइए, डरूंगी नहीं’
विवाद के बाद नेहा सिंह राठौर ने बयान दिया था कि वह सरकार से सवाल पूछ रही हैं, लेकिन सरकार के पास उनके सवालों का जवाब नहीं है। उन्होंने कहा था, “400 शिकायतें नहीं, 4 लाख एफआईआर करवा दीजिए, मैं डरने वाली नहीं हूं।”
पहलगाम आतंकी हमले से जुड़ा मामला
22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद नेहा सिंह राठौर ने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट किए थे, जिनमें उन्होंने सरकार से सवाल पूछे थे। इन पोस्टों से आहत होकर अभय प्रताप सिंह ने हजरतगंज कोतवाली में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। आरोप है कि नेहा ने सोशल मीडिया पर दो समुदायों के बीच नफरत फैलाने और देश की अखंडता को नुकसान पहुंचाने वाली बातें लिखीं।
शिकायतकर्ता का दावा है कि नेहा की पोस्ट पाकिस्तान में भी वायरल हुईं, जिनका इस्तेमाल वहां के मीडिया ने भारत की आलोचना के लिए किया, जिससे देश की छवि को नुकसान पहुंचा।
सोशल मीडिया पर भी दिया जवाब
एफआईआर दर्ज होने के बाद नेहा सिंह राठौर ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो पोस्ट किया था। इसमें उन्होंने लिखा था, “पहलगाम हमले के जवाब में सरकार ने अब तक क्या किया है? अगर हिम्मत है, तो जाकर आतंकवादियों के सिर वापस लाओ।”
फिलहाल पुलिस की ओर से नेहा सिंह राठौर को दोबारा नोटिस भेजने की तैयारी की जा रही है, जिसके बाद उनका बयान दर्ज किया जाएगा।
