NIA ने 3 यूक्रेनी सैनिकों को किया अरेस्ट, म्यांमार में आतंकियों को दे रहे थे ट्रेनिंग, भारत के खिलाफ साजिश का खुलासा
Updated: Mar 19, 2026, 10:18 IST
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लखनऊ। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए लखनऊ से तीन पूर्व यूक्रेनी सैनिकों को गिरफ्तार किया है। इन पर म्यांमार में आतंकियों को ट्रेनिंग देने और भारत के खिलाफ साजिश रचने का गंभीर आरोप है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पेट्रो हुरबा (36), तारास स्लिवियाक (37) और इवान सुकमानोव्स्की (34) के रूप में हुई है। NIA सूत्रों के मुताबिक, ये तीनों ड्रोन तकनीक के विशेषज्ञ हैं और आतंकियों को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण देकर नेटवर्क को मजबूत करने में जुटे थे।
अंतरराष्ट्रीय ड्रोन नेटवर्क से जुड़े तार
जांच में सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क यूरोप से बड़े पैमाने पर ड्रोन म्यांमार तक पहुंचाने की साजिश में लगा था। इन ड्रोन का इस्तेमाल “Ethnic Armed Groups (EAGs)” के जरिए किया जाना था, जो आगे भारत के प्रतिबंधित संगठनों तक हथियार, तकनीक और ट्रेनिंग पहुंचाते।
एजेंसी के अनुसार, यह गतिविधि भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकती थी।
UAE से भारत, फिर म्यांमार तक का सफर
NIA की जांच में खुलासा हुआ कि ये तीनों 18 दिसंबर 2025 को संयुक्त अरब अमीरात से भारत आए थे। इसके बाद मिजोरम के रास्ते म्यांमार के चिन राज्य पहुंचे, जहां उन्होंने आतंकी संगठनों से संपर्क स्थापित किया।
लखनऊ में रुककर भागने की थी तैयारी
गुवाहाटी से लखनऊ पहुंचे इन आरोपियों का यहां सिर्फ एक दिन रुकने का प्लान था। एयरपोर्ट के पास एक होटल में ठहरने के दौरान होटल स्टाफ को इनके दस्तावेज संदिग्ध लगे। इसके बाद जानकारी एजेंसियों और एम्बेसी के साथ साझा की गई।
इमिग्रेशन विभाग को अलर्ट मिलने के बाद इनकी गतिविधियों पर नजर रखी जाने लगी। जैसे ही ये कुआलालंपुर जाने के लिए एयरपोर्ट पहुंचे, सुरक्षा एजेंसियों ने इन्हें हिरासत में ले लिया।
UAPA के तहत केस दर्ज
NIA ने तीनों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 18 के तहत मामला दर्ज किया है। इन पर देश की सुरक्षा के खिलाफ साजिश रचने और आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के आरोप हैं।
दिल्ली और कोलकाता से भी गिरफ्तारी
इस पूरे ऑपरेशन के तहत NIA ने दिल्ली एयरपोर्ट से चार अन्य यूक्रेनी नागरिकों को भी गिरफ्तार किया है, जो इस नेटवर्क का हिस्सा बताए जा रहे हैं।
वहीं, कोलकाता एयरपोर्ट से अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैन डाइक को भी पकड़ा गया है। एजेंसी के मुताबिक, वह म्यांमार में उग्रवादियों को हथियार और ट्रेनिंग देने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पेट्रो हुरबा (36), तारास स्लिवियाक (37) और इवान सुकमानोव्स्की (34) के रूप में हुई है। NIA सूत्रों के मुताबिक, ये तीनों ड्रोन तकनीक के विशेषज्ञ हैं और आतंकियों को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण देकर नेटवर्क को मजबूत करने में जुटे थे।
अंतरराष्ट्रीय ड्रोन नेटवर्क से जुड़े तार
जांच में सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क यूरोप से बड़े पैमाने पर ड्रोन म्यांमार तक पहुंचाने की साजिश में लगा था। इन ड्रोन का इस्तेमाल “Ethnic Armed Groups (EAGs)” के जरिए किया जाना था, जो आगे भारत के प्रतिबंधित संगठनों तक हथियार, तकनीक और ट्रेनिंग पहुंचाते।
एजेंसी के अनुसार, यह गतिविधि भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकती थी।
UAE से भारत, फिर म्यांमार तक का सफर
NIA की जांच में खुलासा हुआ कि ये तीनों 18 दिसंबर 2025 को संयुक्त अरब अमीरात से भारत आए थे। इसके बाद मिजोरम के रास्ते म्यांमार के चिन राज्य पहुंचे, जहां उन्होंने आतंकी संगठनों से संपर्क स्थापित किया।
लखनऊ में रुककर भागने की थी तैयारी
गुवाहाटी से लखनऊ पहुंचे इन आरोपियों का यहां सिर्फ एक दिन रुकने का प्लान था। एयरपोर्ट के पास एक होटल में ठहरने के दौरान होटल स्टाफ को इनके दस्तावेज संदिग्ध लगे। इसके बाद जानकारी एजेंसियों और एम्बेसी के साथ साझा की गई।
इमिग्रेशन विभाग को अलर्ट मिलने के बाद इनकी गतिविधियों पर नजर रखी जाने लगी। जैसे ही ये कुआलालंपुर जाने के लिए एयरपोर्ट पहुंचे, सुरक्षा एजेंसियों ने इन्हें हिरासत में ले लिया।
UAPA के तहत केस दर्ज
NIA ने तीनों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 18 के तहत मामला दर्ज किया है। इन पर देश की सुरक्षा के खिलाफ साजिश रचने और आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के आरोप हैं।
दिल्ली और कोलकाता से भी गिरफ्तारी
इस पूरे ऑपरेशन के तहत NIA ने दिल्ली एयरपोर्ट से चार अन्य यूक्रेनी नागरिकों को भी गिरफ्तार किया है, जो इस नेटवर्क का हिस्सा बताए जा रहे हैं।
वहीं, कोलकाता एयरपोर्ट से अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैन डाइक को भी पकड़ा गया है। एजेंसी के मुताबिक, वह म्यांमार में उग्रवादियों को हथियार और ट्रेनिंग देने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था।
