अब मनमाने तबादलों पर ब्रेक, UP पुलिस में नई ट्रांसफर नीति लागू
Updated: Jan 17, 2026, 11:39 IST
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग ने स्थानांतरण नीति में अहम संशोधन करते हुए अनुकम्पा आधार पर होने वाले तबादलों के नियमों को स्पष्ट और सख्त कर दिया है। नई व्यवस्था के तहत अब उप निरीक्षक और आरक्षियों के स्थानांतरण को लेकर अलग-अलग शर्तें तय की गई हैं।
पुलिस मुख्यालय के अनुसार वर्ष 2019 बैच तक भर्ती हुए उप निरीक्षक और आरक्षियों के सामान्य मामलों में अनुकम्पा आधार पर स्थानांतरण पर विचार किया जाएगा। वहीं वर्ष 2019 के बाद भर्ती हुए उप निरीक्षक और आरक्षियों के लिए अनुकम्पा स्थानांतरण की सुविधा केवल उन्हीं मामलों में दी जाएगी, जहां पति और पत्नी दोनों पुलिस विभाग में कार्यरत हों।
पुलिस मुख्यालय के अनुसार वर्ष 2019 बैच तक भर्ती हुए उप निरीक्षक और आरक्षियों के सामान्य मामलों में अनुकम्पा आधार पर स्थानांतरण पर विचार किया जाएगा। वहीं वर्ष 2019 के बाद भर्ती हुए उप निरीक्षक और आरक्षियों के लिए अनुकम्पा स्थानांतरण की सुविधा केवल उन्हीं मामलों में दी जाएगी, जहां पति और पत्नी दोनों पुलिस विभाग में कार्यरत हों।
नई नीति के तहत यह भी स्पष्ट किया गया है कि कोई भी निरीक्षक या उप निरीक्षक अपने गृह परिक्षेत्र, गृह जनपद या सीमावर्ती जनपद में तैनात नहीं किया जाएगा। इससे पहले ऐसे मामलों में अलग-अलग आधारों पर छूट मिलती रही है, लेकिन अब इसे सख्ती से लागू किया जाएगा।
पति-पत्नी के अनुकम्पा स्थानांतरण के मामलों में दोनों के पुलिस परिचय पत्र (आईडी कार्ड) की पठनीय छायाप्रति संलग्न करना अनिवार्य होगा। विभाग ने साफ किया है कि अनुकम्पा के आधार पर छूट केवल उन्हीं प्रकरणों में दी जाएगी, जहां पति और पत्नी दोनों पुलिस विभाग में सेवाएं दे रहे हों।
इसके अलावा स्थानांतरण से संबंधित किसी भी प्रकरण में मुख्यालय डीजीपी यूपी, लखनऊ में उपस्थित होने की अनुमति के साथ कर्मचारी का पूर्ण और अद्यावधिक सेवा विवरण संलग्न करना भी अनिवार्य कर दिया गया है।
पुलिस विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य स्थानांतरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और नियमबद्ध बनाना है, ताकि अनावश्यक दबाव और विवाद से बचा जा सके।
पुलिस मुख्यालय के अनुसार वर्ष 2019 बैच तक भर्ती हुए उप निरीक्षक और आरक्षियों के सामान्य मामलों में अनुकम्पा आधार पर स्थानांतरण पर विचार किया जाएगा। वहीं वर्ष 2019 के बाद भर्ती हुए उप निरीक्षक और आरक्षियों के लिए अनुकम्पा स्थानांतरण की सुविधा केवल उन्हीं मामलों में दी जाएगी, जहां पति और पत्नी दोनों पुलिस विभाग में कार्यरत हों।
पुलिस मुख्यालय के अनुसार वर्ष 2019 बैच तक भर्ती हुए उप निरीक्षक और आरक्षियों के सामान्य मामलों में अनुकम्पा आधार पर स्थानांतरण पर विचार किया जाएगा। वहीं वर्ष 2019 के बाद भर्ती हुए उप निरीक्षक और आरक्षियों के लिए अनुकम्पा स्थानांतरण की सुविधा केवल उन्हीं मामलों में दी जाएगी, जहां पति और पत्नी दोनों पुलिस विभाग में कार्यरत हों।
नई नीति के तहत यह भी स्पष्ट किया गया है कि कोई भी निरीक्षक या उप निरीक्षक अपने गृह परिक्षेत्र, गृह जनपद या सीमावर्ती जनपद में तैनात नहीं किया जाएगा। इससे पहले ऐसे मामलों में अलग-अलग आधारों पर छूट मिलती रही है, लेकिन अब इसे सख्ती से लागू किया जाएगा।
पति-पत्नी के अनुकम्पा स्थानांतरण के मामलों में दोनों के पुलिस परिचय पत्र (आईडी कार्ड) की पठनीय छायाप्रति संलग्न करना अनिवार्य होगा। विभाग ने साफ किया है कि अनुकम्पा के आधार पर छूट केवल उन्हीं प्रकरणों में दी जाएगी, जहां पति और पत्नी दोनों पुलिस विभाग में सेवाएं दे रहे हों।
इसके अलावा स्थानांतरण से संबंधित किसी भी प्रकरण में मुख्यालय डीजीपी यूपी, लखनऊ में उपस्थित होने की अनुमति के साथ कर्मचारी का पूर्ण और अद्यावधिक सेवा विवरण संलग्न करना भी अनिवार्य कर दिया गया है।
पुलिस विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य स्थानांतरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और नियमबद्ध बनाना है, ताकि अनावश्यक दबाव और विवाद से बचा जा सके।
