अयोध्या में अजय राय के कार्यक्रम में मछली भोज पर गरमाई सियासत, कांग्रेस बोली- संविधान में मनाही नहीं, BJP ने घेरा
अयोध्या। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय रविवार को अयोध्या पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले हनुमानगढ़ी में हनुमान चालीसा का पाठ किया और इसके बाद रामलला के दर्शन किए। मंदिर दर्शन के बाद अजय राय गोसाईगंज विधानसभा क्षेत्र के तारुन बाजार पहुंचे, जहां आयोजित कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन में उन्होंने हिस्सा लिया। यह स्थान हनुमानगढ़ी से करीब 38 किलोमीटर दूर है। सम्मेलन के दौरान मछली भोज को लेकर अब राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।
यह कार्यक्रम हाल ही में भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए राम निहाल निषाद की ओर से आयोजित किया गया था। राम निहाल ने कहा कि संविधान में कहीं यह नहीं लिखा है कि सावन के महीने में मछली नहीं खाई जा सकती। उन्होंने दावा किया कि सम्मेलन में मछली के साथ शाकाहारी भोजन की भी व्यवस्था थी।
भाजपा ने साधा निशाना
मछली भोज को लेकर भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। भाजपा विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने कहा कि सावन के पवित्र महीने में करोड़ों सनातनी भगवान शिव की आराधना में लगे हैं और ऐसे समय में मछली भोज आयोजित करना सनातन विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या में मंदिरों में दर्शन करने के बाद इस तरह का आयोजन कांग्रेस के दोहरे चरित्र को उजागर करता है।
यूपी भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी इस आयोजन को लेकर कांग्रेस की आलोचना की। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में कांग्रेस अध्यक्ष के स्वागत समारोह में मछली भोज का आयोजन निंदनीय है। उनके मुताबिक कांग्रेस को सनातन समाज की धार्मिक मान्यताओं और आस्था का सम्मान करना चाहिए और इस आयोजन के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
भाजपा महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव ने भी कांग्रेस पर सनातन परंपराओं और श्रद्धालुओं की भावनाओं का अपमान करने का आरोप लगाया। वहीं, भाजपा जिलाध्यक्ष राधेश्याम त्यागी ने कहा कि एक तरफ अजय राय अयोध्या में मंदिरों में दर्शन कर रहे थे और दूसरी तरफ जिस सम्मेलन में वह पहुंचे, वहां मछली भोज का आयोजन किया गया।
राम निहाल निषाद ने दी सफाई
राम निहाल निषाद पहले भाजपा कार्यसमिति के अध्यक्ष रह चुके हैं। उन्होंने 23 जून को कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की थी। कांग्रेस में शामिल होने के बाद यह उनका पहला बड़ा कार्यक्रम था। वह गोसाईगंज विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट के दावेदार भी माने जा रहे हैं।
राम निहाल ने बताया कि तारुन विकासखंड स्थित अर्पित मैरिज लॉन में आयोजित सम्मेलन में दो तरह के भोजन की व्यवस्था की गई थी। इसमें मछली के साथ शाकाहारी भोजन भी मौजूद था। उनका कहना है कि भोजन को लेकर किसी तरह की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने का उद्देश्य नहीं था।
पहले भी मछली को लेकर बयान दे चुके हैं संजय निषाद
मछली को लेकर विवाद के बीच उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद का 11 अगस्त का बयान भी चर्चा में है। उन्होंने मछली को शाकाहारी बताते हुए कहा था कि बिना लहसुन-प्याज के बनी मछली शाकाहारी है। उन्होंने मछली को निषाद समाज की पहचान से भी जोड़ा था।
अयोध्या में कांग्रेस के कार्यक्रम में मछली भोज को लेकर उठे विवाद ने सावन के दौरान राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। कांग्रेस की ओर से इसे भोजन और कार्यकर्ता सम्मेलन का हिस्सा बताया जा रहा है, जबकि भाजपा इसे सनातन आस्था से जोड़कर कांग्रेस पर निशाना साध रही है।
