UP में बारिश बनी आफत! गंगा-यमुना उफान पर, काशी के घाट डूबे, आज कई जिलों में बसरेंगे बादल
उत्तर प्रदेश में मानसूनी बारिश एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखा रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 22 अगस्त को प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक, कई इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हो सकती है। इसे देखते हुए कई जिलों में येलो अलर्ट जारी कर लोगों और प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। वहीं, गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सुबह से ही बारिश का दौर जारी रहा।
लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी से लगातार नम हवाएं उत्तर प्रदेश की ओर आ रही हैं। इसके प्रभाव से प्रदेश में बारिश का सिलसिला बना हुआ है और 25 अगस्त तक रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है। बारिश के कारण कई इलाकों में तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।
छह नदियां खतरे के निशान से ऊपर
लगातार हो रही बारिश के चलते प्रदेश में बाढ़ का संकट भी गहराता जा रहा है। गंगा और घाघरा समेत छह नदियां कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। करीब 13 जिले बाढ़ की चपेट में हैं और एक लाख से ज्यादा लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का पानी रिहायशी इलाकों तक पहुंच गया है, जिसके चलते सड़कों पर नाव चलाने की नौबत आ गई है। बहराइच के कई गांव जलमग्न हैं, जबकि प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। यहां रिवर फ्रंट रोड पानी में डूब गई है और गंगा का पानी लेटे हनुमान मंदिर कॉरिडोर तक पहुंच गया है। वाराणसी में भी गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर का गंगा द्वार बंद कर दिया गया है।
छह जिलों में येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने चित्रकूट, कौशांबी, प्रतापगढ़, संत रविदास नगर, प्रयागराज और मिर्जापुर में येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तेज बारिश के साथ आंधी-तूफान और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। प्रशासन की ओर से लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
वाराणसी के घाटों पर बदली अंतिम संस्कार की व्यवस्था
गंगा का जलस्तर बढ़ने का सबसे ज्यादा असर वाराणसी के घाटों पर दिखाई दे रहा है। मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट के पारंपरिक शवदाह स्थल जलमग्न हो चुके हैं। हरिश्चंद्र घाट पर अब गलियों और सीढ़ियों के पास अंतिम संस्कार किया जा रहा है, जबकि मणिकर्णिका घाट पर छत पर शवदाह की व्यवस्था करनी पड़ रही है। दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती भी छत से की जा रही है। नमो घाट का बड़ा हिस्सा भी पानी में डूब गया है।
लखनऊ में बारिश से जलभराव, सड़क पर थमी रफ्तार
राजधानी लखनऊ में भी बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शाम करीब सात बजे हुई तेज बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। दारुलशफा स्थित विधायक निवास में पानी भर गया, जबकि मरीन ड्राइव पर घुटनों तक पानी जमा हो गया। जलभराव के कारण कई स्कूटी और बाइक बंद हो गईं और सड़कों पर जाम लग गया। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने पेंट मोड़ पर मोर्चा संभालते हुए वाहनों को जलभराव वाले हिस्से से सुरक्षित बाहर निकलवाया।
प्रदेश में लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है, ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
