यूपी में बारिश बनी आफत : नदियां उफान पर; गांवों में घुसा पानी, आज 75 जिलों में बारिश का अलर्ट
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित होने लगा है। पिछले 10 दिनों से हो रही वर्षा के कारण प्रदेश की कई प्रमुख नदियां उफान पर हैं, जिससे बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई जिलों में गांवों में पानी घुस गया है, सड़कें कट गई हैं और लोगों का संपर्क मुख्य मार्गों से टूटने लगा है।
लखीमपुर-खीरी में शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से कई गांव जलमग्न हो गए हैं। कुछ गांव चारों ओर से पानी से घिरकर टापू में तब्दील हो गए हैं। सड़कें बह जाने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। खेतों और कच्चे रास्तों पर मगरमच्छ दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
वहीं गोंडा में घाघरा नदी खतरे के निशान के करीब बह रही है। प्रशासन ने 100 से अधिक गांवों पर बाढ़ का खतरा जताया है। महराजगंज में एक तालाब में मगरमच्छ दिखाई देने के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है, जबकि बलरामपुर में राप्ती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
गुरुवार सुबह से लखनऊ, कानपुर, बाराबंकी, अयोध्या, आगरा समेत 50 से अधिक शहरों में बादल छाए रहे और ठंडी हवाएं चलीं। हालांकि बरेली सहित कुछ इलाकों में तेज धूप भी देखने को मिली। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।
इससे पहले बुधवार को प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 72 मिमी बारिश मऊ में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा ललितपुर में 70 मिमी, सोनभद्र में 58 मिमी और प्रयागराज में 41.5 मिमी वर्षा हुई। सोनभद्र में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई।
आगे कैसा रहेगा मौसम?
लखनऊ स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, मानसून की रेखा दक्षिण की ओर खिसकने और बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कमजोर पड़ने के कारण अगले तीन दिनों तक बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आ सकती है। फिलहाल मानसून की सक्रियता पश्चिम-मध्य भारत की ओर शिफ्ट हो गई है। हालांकि 26 और 27 जुलाई से प्रदेश में मानसून फिर से सक्रिय होने की संभावना है, जिसके बाद कई इलाकों में अच्छी बारिश हो सकती है।
