अयोध्या दीपोत्सव में 30 लाख दीयों से जगमगाएगी रामनगरी, पहली बार शामिल होंगे अमित शाह
अयोध्या: रामनगरी अयोध्या एक बार फिर लाखों दीयों की रोशनी से जगमगाने को तैयार है। 7 नवंबर को दीपोत्सव का दसवां संस्करण आयोजित किया जाएगा। इस बार सरयू नदी के किनारे स्थित राम की पैड़ी समेत 56 घाटों पर करीब 30 लाख दीये जलाने का लक्ष्य रखा गया है। आयोजन को भव्य बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। खास बात यह है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहली बार दीपोत्सव में शामिल होंगे। वहीं, AI से तैयार रंगोलियां भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
पहली बार दीपोत्सव में शामिल होंगे अमित शाह
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 7 नवंबर को अयोध्या पहुंचेंगे और दीपोत्सव समारोह में हिस्सा लेंगे। उत्तर प्रदेश में भाजपा की दो दिवसीय कार्यसमिति की बैठक में शामिल होने के बाद उनका अयोध्या दौरा प्रस्तावित है।
पिछले नौ वर्षों से अयोध्या में भव्य दीपोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, लेकिन अमित शाह पहली बार इस समारोह में शामिल होंगे। मुख्य कार्यक्रम सरयू नदी के तट पर स्थित राम की पैड़ी में आयोजित किया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के अयोध्या पहुंचने की उम्मीद है।
35 हजार स्वयंसेवक सजाएंगे 30 लाख दीये
दीपोत्सव को भव्य बनाने के लिए डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के करीब 35 हजार स्वयंसेवकों को जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। ये स्वयंसेवक अलग-अलग घाटों पर निर्धारित स्थानों पर दीये सजाने और उन्हें प्रज्वलित करने का काम करेंगे।
इस बार राम की पैड़ी समेत सरयू नदी के किनारे स्थित 56 घाटों पर करीब 30 लाख दीये जलाने का लक्ष्य रखा गया है। दीयों को व्यवस्थित तरीके से सजाने के लिए घाटों पर विशेष मार्किंग की जा रही है। स्वयंसेवकों को घाटों के हिसाब से जिम्मेदारी दी जाएगी और उनके काम की निगरानी के लिए भी व्यवस्था बनाई जा रही है, ताकि आयोजन के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
सीएम योगी ने तैयारियों की समीक्षा की
दीपोत्सव की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अधिकारियों के साथ लगातार समीक्षा कर रहे हैं। 24 अक्टूबर को उन्होंने दसवें दीपोत्सव की तैयारियों का जायजा लिया था। इस दौरान उन्होंने आयोजन को भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और जनआस्था का भव्य उत्सव बनाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने राम की पैड़ी समेत पूरी अयोध्या में बेहतर रोशनी और सजावट की व्यवस्था करने को कहा। साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, साफ-सफाई और यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले कलाकारों और सांस्कृतिक दलों की प्रस्तुतियां भी देखने को मिलेंगी।
QR कोड वाले पास से मिलेगी प्रवेश की अनुमति
दीपोत्सव में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रवेश व्यवस्था को तकनीक से जोड़ा जा रहा है। इस बार स्वयंसेवकों को QR कोड वाले पहचान पत्र दिए जाएंगे। इनमें नाम, फोटो, मोबाइल नंबर और तैनाती स्थल जैसी जानकारियां दर्ज रहेंगी।
प्रवेश द्वारों पर QR कोड स्कैन करके संबंधित व्यक्ति की पहचान की जाएगी। इससे अनधिकृत लोगों के प्रवेश पर रोक लगाने और आयोजन स्थल पर व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी। पुलिसकर्मियों और सुरक्षा बलों के लिए भी अलग पहचान पत्र और प्रवेश पास की व्यवस्था की जा रही है।
दीपोत्सव में सुरक्षा के रहेंगे कड़े इंतजाम
अयोध्या में दीपोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है। इसे देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की तैयारी की जा रही है। पुलिस प्रशासन आयोजन स्थल और आसपास के क्षेत्रों को अलग-अलग जोन और सेक्टर में बांटकर सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेगा।
आयोजन के लिए छह हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा पीएसी और आरएएफ की कंपनियों की भी मांग की गई है। लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और गोरखपुर जोन से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाने की तैयारी है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखेंगे।
धर्मपथ पर AI रंगोलियां बढ़ाएंगी दीपोत्सव की रौनक
इस बार दीपोत्सव में पारंपरिक सजावट के साथ आधुनिक तकनीक का भी अनूठा संगम देखने को मिलेगा। धर्मपथ पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से रंगोलियां तैयार की जा रही हैं। इनमें भारतीय संस्कृति और पारंपरिक कला के साथ आधुनिक डिजाइन की झलक देखने को मिलेगी।
आयोजन में तकनीक का इस्तेमाल केवल सजावट तक सीमित नहीं रहेगा। QR कोड आधारित पहचान पत्र और डिजिटल प्रवेश व्यवस्था के जरिए भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की तैयारी है।
इस तरह अयोध्या का दसवां दीपोत्सव आस्था, परंपरा और आधुनिक तकनीक के संगम के रूप में खास होने वाला है। 56 घाटों पर लाखों दीयों की रोशनी, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम इस आयोजन को भव्य बनाने की तैयारी का हिस्सा हैं।
