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राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: अखिलेश यादव ने भेजा लीगल नोटिस, बोले निशिकांत दुबे- FIR भी कराइए, कोर्ट में मिलेंगे

 
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अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। इस प्रकरण में आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव को लेकर लगाए गए आरोपों के बाद समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और भाजपा सांसद निशिकांत दुबे आमने-सामने आ गए हैं।

समाजवादी पार्टी की ओर से मंगलवार को प्रदेश अध्यक्ष केके पाल के माध्यम से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे को मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा गया। नोटिस में टिन्नू यादव और अखिलेश यादव के बीच कथित बातचीत से जुड़े आरोपों को पूरी तरह झूठा, भ्रामक और दुर्भावनापूर्ण बताया गया है। साथ ही पोस्ट हटाने और सार्वजनिक माफी की मांग की गई है। ऐसा न करने पर आगे कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

क्या है पूरा विवाद?

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने 5 जुलाई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा की थी, जिसमें दावा किया गया था कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के आरोपी टिन्नू यादव की समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव से नियमित बातचीत होती थी। यह दावा कथित तौर पर पुलिस जांच और कॉल रिकॉर्ड के हवाले से किया गया था।

इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने इसे झूठा प्रचार बताया और पोस्ट हटाने की मांग की। उन्होंने कहा था कि यदि पोस्ट नहीं हटाई गई तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

निशिकांत दुबे का जवाब

मानहानि नोटिस पर प्रतिक्रिया देते हुए निशिकांत दुबे ने कहा कि यदि अखिलेश यादव को मानहानि हुई है तो उन्हें स्वयं संबंधित थाने में शिकायत दर्ज करानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कानून के अनुसार नोटिस और शिकायत की प्रक्रिया का पालन होना चाहिए।

सपा ने दर्ज कराई शिकायत

समाजवादी पार्टी के नेताओं ने इटावा के फ्रेंड्स कॉलोनी थाने में निशिकांत दुबे समेत उन लोगों के खिलाफ भी शिकायत दी है, जिन्होंने सोशल मीडिया पर टिन्नू यादव और अखिलेश यादव के बीच कथित बातचीत का दावा किया था।

पूर्व विधायक ने भी दी चुनौती

समाजवादी पार्टी के अयोध्या से पूर्व विधायक पवन पांडेय ने भी वीडियो जारी कर भाजपा और अन्य संगठनों पर फर्जी प्रचार का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि फोन पर बातचीत के प्रमाण हैं तो उन्हें सार्वजनिक किया जाए, अन्यथा अखिलेश यादव से माफी मांगी जाए।

कौन है टिन्नू यादव?

रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव राम मंदिर से जुड़े कार्यों में नियुक्त था और वर्तमान में चढ़ावा चोरी मामले में जेल में है। एसआईटी की जांच रिपोर्ट के अनुसार, उसके पास मंदिर की हुंडियों की चाबियों और संबंधित व्यवस्थाओं तक पहुंच थी। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि उसकी सिफारिश पर एक कर्मचारी को नकदी गणना के कार्य में लगाया गया था, जो बाद में कथित चोरी के मामले में आरोपी पाया गया। जांच एजेंसियां पूरे प्रकरण की पड़ताल कर रही हैं।

बता दें कि, टिन्नू यादव से जुड़े आरोपों और कथित कॉल रिकॉर्ड को लेकर जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।