गणतंत्र दिवस : यूपी के जांबाज 18 पुलिसकर्मियों को मिलेगा गैलेंट्री मेडल, 68 पुलिस पदक से होंगे सम्मानित, देखें लिस्ट
लखनऊ। गणतंत्र दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए गर्व की खबर सामने आई है। गृह मंत्रालय ने वर्ष 2026 के लिए पुलिस पदकों की घोषणा कर दी है, जिसमें यूपी के कुल 90 पुलिसकर्मियों को उनकी बहादुरी, विशिष्ट और सराहनीय सेवाओं के लिए सम्मानित किया जाएगा। जारी सूची के अनुसार, 18 पुलिसकर्मियों को वीरता पदक (Gallantry Medal), 04 को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक (PSM) और 68 को सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक (MSM) प्रदान किया जाएगा।
18 जांबाज पुलिसकर्मियों को मिलेगा वीरता पदक
इस वर्ष उत्तर प्रदेश पुलिस के जिन 18 अधिकारियों और कर्मचारियों को वीरता पदक से नवाजा जाएगा, उन्होंने कर्तव्य निभाते हुए असाधारण साहस और बहादुरी का परिचय दिया है। गृह मंत्रालय की सूची के अनुसार सम्मानित होने वालों में ये नाम शामिल हैं-
संतोष कुमार (इंस्पेक्टर)
सौरभ मिश्रा (सब-इंस्पेक्टर)
कवींद्र (हेड कांस्टेबल)
विनोद कुमार सिंह (अपर पुलिस अधीक्षक)
अमित (इंस्पेक्टर) – 1st Bar to Gallantry Medal
बैजनाथ राम (हेड कांस्टेबल)
मनोज कुमार सिंह (हेड कांस्टेबल)
अतुल चतुर्वेदी (सब-इंस्पेक्टर)
प्रदीप कुमार सिंह (सब-इंस्पेक्टर)
सुशील कुमार सिंह (हेड कांस्टेबल)
राकेश (अपर पुलिस अधीक्षक)
धर्मेश कुमार शाही (पुलिस उपाधीक्षक) – 1st Bar to Gallantry Medal
सत्य प्रकाश सिंह (इंस्पेक्टर)
यशवंत सिंह (सब-इंस्पेक्टर) – 1st Bar to Gallantry Medal
रजनीश कुमार उपाध्याय (पुलिस उपाधीक्षक)
जर्रार हुसैन (सब-इंस्पेक्टर)
सुनील सिंह (सब-इंस्पेक्टर)
कुणाल मलिक (कांस्टेबल)
विशिष्ट और सराहनीय सेवा के लिए भी सम्मान
वीरता पदक के अलावा, उत्तर प्रदेश के 04 पुलिसकर्मियों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक (PSM) और 68 पुलिसकर्मियों को सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक (MSM) से सम्मानित किया जाएगा। ये पदक लंबे समय तक ईमानदारी, अनुशासन और उत्कृष्ट कार्यशैली के साथ सेवा देने वाले पुलिसकर्मियों को प्रदान किए जाते हैं।
क्या है गैलेंट्री मेडल का महत्व
गैलेंट्री मेडल का उद्देश्य सिर्फ बहादुरी को सम्मान देना नहीं है, बल्कि समाज में कर्तव्यनिष्ठा, साहस और निस्वार्थ सेवा जैसे मूल्यों को मजबूत करना भी है। यह पदक उन पुलिसकर्मियों को दिया जाता है, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना जनता की सुरक्षा, अपराध रोकने, अपराधियों की गिरफ्तारी या जान-माल की रक्षा में असाधारण साहस दिखाया हो। जोखिम का आकलन संबंधित अधिकारी के कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को ध्यान में रखकर किया जाता है।


