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पिछड़ों की राजनीति पर संजय निषाद का अखिलेश यादव पर तंज, बोले- ‘पीड़ितों का सम्मान करते तो सत्ता से बाहर नहीं होते’

 
sanjay
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उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर पिछड़ों की राजनीति को लेकर तीखा हमला बोला है। पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए संजय निषाद ने कहा कि अगर अखिलेश यादव ने सत्ता में रहते हुए पीड़ित और वंचित वर्गों का सम्मान किया होता, तो समाजवादी पार्टी आज सत्ता से बाहर नहीं होती।

संजय निषाद ने पिछड़ों के हितों को लेकर सपा पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर पिछड़ों के इतने बड़े हितैषी थे, तो सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट लागू क्यों नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ हजार परिवार लाखों लोगों के अधिकारों पर कब्जा जमाए बैठे हैं। उनका कहना था कि अगर पिछली सरकारों ने पिछड़े और वंचित वर्गों के लिए सही तरीके से काम किया होता, तो आज हालात अलग होते।


NDA सरकार में पिछड़ों को समान अवसर का दावा

कैबिनेट मंत्री ने मौजूदा एनडीए सरकार का बचाव करते हुए दावा किया कि वर्तमान सरकार में पिछड़ी जातियों को समान अवसर और सम्मान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने इन वर्गों की समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया, जबकि अब वंचित और पिछड़े समाज को आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं।

संजय निषाद ने विपक्ष के दावों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि अखिलेश यादव और दूसरे विपक्षी नेता भले ही पिछड़ों के हित की बात कर रहे हों, लेकिन जनता उनके दावों के साथ नहीं है। इससे पहले भी वह सपा की पीडीए राजनीति पर सवाल उठाते हुए अखिलेश यादव को घेर चुके हैं।


चुनाव से पहले तेज हो सकती है सियासी बयानबाजी

उत्तर प्रदेश की सियासत में अखिलेश यादव लगातार बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के निशाने पर हैं। सहयोगी दल के नेता ओम प्रकाश राजभर भी कई मौकों पर अखिलेश यादव पर हमला बोल चुके हैं। वहीं, बीजेपी की ओर से डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, केशव प्रसाद मौर्य और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी अलग-अलग मुद्दों पर सपा प्रमुख को घेरते रहे हैं।

फिलहाल संजय निषाद के ताजा बयान पर अखिलेश यादव या समाजवादी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए उत्तर प्रदेश में पिछड़ों और पीडीए की राजनीति को लेकर सियासी बयानबाजी आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है।