Movie prime

आरक्षण पर संजय निषाद ने BJP को दी चेतावनी, बोले- ‘फैसला नहीं हुआ तो दूसरा दरवाजा देखेंगे’

 
संजय
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर गरमाने लगा है। बीजेपी की सहयोगी निषाद पार्टी के अध्यक्ष और प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने मछुआरा समाज के आरक्षण को लेकर अपनी ही गठबंधन सरकार से जल्द फैसला लेने की मांग की है। दिल्ली के तालकटोरा में आयोजित निषाद पार्टी के महासम्मेलन में उन्होंने साफ कहा कि अगर आरक्षण के मुद्दे पर जल्द निर्णय नहीं हुआ, तो उनकी पार्टी दूसरे राजनीतिक विकल्पों पर विचार कर सकती है।

‘साथ तभी देंगे, जब आरक्षण की बात होगी’

महासम्मेलन में संजय निषाद ने कहा कि गठबंधन का मकसद सिर्फ विधायक, सांसद या मंत्री बनना नहीं है, बल्कि जिन मुद्दों को लेकर गठबंधन किया जाता है, उनका समाधान कराना भी जरूरी है। उन्होंने बीजेपी से मछुआरा समाज के आरक्षण पर जल्द निर्णय लेने की मांग की।

उन्होंने कहा, “साथ तभी देंगे, जब आरक्षण की बात होगी। बीजेपी को जल्द निर्णय लेना होगा। निर्णय नहीं हुआ तो दूसरा दरवाजा देखेंगे।”

संजय निषाद ने यह भी कहा कि जब केंद्र और राज्य, दोनों जगह सरकार है, तो इस मुद्दे का समाधान होना चाहिए। उनके मुताबिक, गठबंधन में शामिल होने का उद्देश्य समाज की मांगों को सरकार तक पहुंचाना और उन्हें पूरा कराना है।

आरक्षण नहीं मिला तो BJP को होगा नुकसान

संजय निषाद ने आरक्षण की मांग को लेकर कार्यकर्ताओं से संघर्ष के लिए तैयार रहने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मछुआरा समाज की मांग पूरी नहीं हुई, तो बीजेपी को राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

उन्होंने कहा, “फाइट करने के लिए तैयार हो जाइए, दिल्ली दूर नहीं है।” उनके इस बयान को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी पर दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

1952 के आंदोलन का किया जिक्र

आरक्षण की मांग के समर्थन में संजय निषाद ने 31 अगस्त 1952 के आंदोलन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय समुदाय के लोग अपने अधिकारों की मांग को लेकर राजधानी पहुंचे थे। उनके अनुसार, आंदोलन के बाद कुछ जातियों को अनुसूचित जनजातियों के बराबर सुविधाएं देने से जुड़ी व्यवस्था का जिक्र किया गया था। निषाद पार्टी लंबे समय से मछुआरा समाज के आरक्षण की मांग उठाती रही है।

अखिलेश यादव को गोरखपुर से चुनाव लड़ने की चुनौती

महासम्मेलन के दौरान संजय निषाद ने बीजेपी और समाजवादी पार्टी, दोनों को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि निषाद पार्टी के बिना सत्ता का समीकरण अधूरा है और दोनों दल उनकी पार्टी का साथ चाहते हैं।

उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को गोरखपुर से चुनाव लड़ने की चुनौती भी दी। संजय निषाद ने दावा किया कि वह बीजेपी के सहयोग के बिना चुनाव लड़कर भी अखिलेश यादव से ज्यादा वोट हासिल कर जीत सकते हैं।

चुनाव से पहले गठबंधन पर बढ़ेगा दबाव?

संजय निषाद के बयान से उत्तर प्रदेश की राजनीति में आरक्षण का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले उनकी यह चेतावनी बीजेपी और निषाद पार्टी के रिश्तों के लिहाज से अहम मानी जा रही है।

हालांकि, संजय निषाद ने गठबंधन से अलग होने का कोई औपचारिक ऐलान नहीं किया है। फिलहाल उनकी मांग और दूसरे राजनीतिक विकल्पों पर विचार करने की चेतावनी ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। अब देखना होगा कि सरकार आरक्षण के मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है और निषाद पार्टी आगे क्या रणनीति तय करती है।