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सेफ्टिक टैंक बना मौत का कुआं : सफाई करने गए 2 मजदूरों की दम घुटने से मौत, CM योगी ने किया मुआवजे का ऐलान

 
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लखनऊ के माल थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसे में दो मजदूरों की मौत हो गई। दोनों मजदूर सेप्टिक टैंक की सफाई करने के लिए अंदर उतरे थे, लेकिन जहरीली गैस और दम घुटने की वजह से उनकी जान चली गई। घटना के बाद गांव में मातम का माहौल है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं।

यह हादसा मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर नवीनपनाह गांव में हुआ। गांव निवासी मयंक सिंह के निर्माणाधीन मकान के बाहर बने 14 फीट गहरे नए सेप्टिक टैंक में मिट्टी भर गई थी। उसे साफ कर चालू करने के लिए गांव के ही रिंकू (35) और राजेश (33) को बुलाया गया था।

बताया जा रहा है कि शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे रिंकू सबसे पहले टैंक में नीचे उतरा। करीब 20 मिनट तक अंदर से उसकी कोई आवाज या हलचल नहीं हुई। इसके बाद साथी मजदूर राजेश उसे देखने के लिए टैंक में उतर गया। लेकिन कुछ देर बाद उसकी ओर से भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

दोनों मजदूरों की आवाज बंद होने पर मौके पर मौजूद लोगों को अनहोनी की आशंका हुई। ग्रामीणों ने तुरंत डायल 112 पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन फायर ब्रिगेड और एनडीआरएफ टीम के देर से पहुंचने की वजह से स्थानीय लोगों ने खुद ही बचाव शुरू किया।

पास में काम कर रहे मजदूरों ने सेप्टिक टैंक की दीवार तोड़ी और रस्सी की मदद से दोनों को बाहर निकाला। उन्हें तुरंत माल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।

रिंकू अपने पीछे पत्नी रिंकी, तीन साल के बेटे कार्तिक और मां कांति को छोड़ गया है। वहीं राजेश के परिवार में पत्नी सरोजनी, मां श्यामा, सात साल का बेटा अयांश और छह साल की बेटी परी हैं। हादसे के बाद दोनों परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है।

माल थाना प्रभारी नवाब अहमद ने बताया कि शुरुआती जांच में टैंक के अंदर जहरीली गैस होने की आशंका है। डॉक्टरों के मुताबिक दम घुटने से दोनों की मौत हुई है। हालांकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो सकेगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को तत्काल राहत कार्य और परिजनों की मदद के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने परिवारों को हर संभव सरकारी सहायता देने का भरोसा दिलाया है।

सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान बरतें ये सावधानियां

टैंक खोलने के बाद कम से कम आधे घंटे तक उसे खुला छोड़ना चाहिए।
अंदर जहरीली गैस की जांच करना जरूरी होता है।
सफाई से पहले पानी का छिड़काव और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करनी चाहिए।
मजदूरों को ऑक्सीजन मास्क, सेफ्टी बेल्ट और रस्सी के साथ ही अंदर उतरना चाहिए।
किसी भी आपात स्थिति के लिए ऊपर एक व्यक्ति की मौजूदगी जरूरी होती है।