आशुतोष ब्रह्मचारी पर ट्रेन में हमले के आरोपों पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की प्रतिक्रिया, बोले- माहौल बनाने की कोशिश...
अध्यात्मिक गुरु आशुतोष ब्रह्मचारी पर रीवा एक्सप्रेस ट्रेन में हुए कथित जानलेवा हमले के मामले में अब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की प्रतिक्रिया सामने आई है। आशुतोष ब्रह्मचारी ने इस हमले के पीछे शंकराचार्य पर साजिश रचने का आरोप लगाया है और इस संबंध में जीआरपी पुलिस को शिकायत भी दी है।
‘माहौल बनाने के लिए किया गया दावा’
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने बिना नाम लिए कहा कि जिस व्यक्ति ने हमला होने का दावा किया है, वह खुद कह रहा है कि जब वह टॉयलेट में गया तब तक ठीक था, लेकिन वहां से बाहर निकलने के बाद उसकी यह हालत हो गई।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर बाथरूम से बाहर आने के बाद उसे किसने मारा। शंकराचार्य के अनुसार यह केवल माहौल बनाने के लिए किया गया एक बनावटी आरोप प्रतीत होता है।
सुरक्षा पाने के लिए लगाया गया आरोप: शंकराचार्य
शंकराचार्य ने आगे कहा कि यह सब सुरक्षा प्राप्त करने के लिए किया गया प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि अगर किसी यात्री पर ट्रेन में हमला होता है तो यह गंभीर मामला है और इसकी जिम्मेदारी रेलवे प्रशासन तथा जीआरपी को लेनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि भारत सरकार की रेल में ही यात्री सुरक्षित नहीं हैं तो यह चिंता की बात है। किसी भी यात्री पर ट्रेन जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली जगह पर हमला होना समझ से परे है और इसका जवाब रेलवे प्रशासन को देना होगा।
सबूत जमा करने प्रयागराज जा रहे थे आशुतोष
बताया जा रहा है कि आशुतोष ब्रह्मचारी शंकराचार्य के खिलाफ कथित सबूत इकट्ठा करने के लिए प्रयागराज जा रहे थे। इस पर शंकराचार्य ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अकेले यात्रा कर रहा है और उस पर हमला होता है, तो इसकी जिम्मेदारी रेल प्रशासन की बनती है।
आशुतोष ब्रह्मचारी का दावा
आशुतोष ब्रह्मचारी के अनुसार वह सकुमारी पीठ से अपने साथियों के साथ निकले थे और गाजियाबाद से रीवा एक्सप्रेस ट्रेन पकड़ी थी। उनका आरोप है कि सुबह करीब 5 बजे ट्रेन में उन पर धारदार हथियार से हमला किया गया और उनकी नाक काटने की कोशिश की गई।
उन्होंने दावा किया कि यौन शोषण के मामले को लेकर उनकी नाक काटने वाले को 21 लाख रुपये देने की घोषणा की गई थी और इसी के तहत उनकी हत्या की कोशिश की गई।
कई लोगों के खिलाफ शिकायत
आशुतोष ब्रह्मचारी ने बताया कि उन्होंने प्रयागराज में एफआईआर दर्ज कराने के लिए शिकायत दी है। इसमें उन्होंने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अलावा मुकुंदानंद, अरविंद, प्रकाश और दिनेश नाम के लोगों को भी आरोपी बताया है।
उन्होंने कहा कि वह कोर्ट में सबूत पेश करने के लिए प्रयागराज जा रहे थे, लेकिन उन्हें रोकने के लिए यह हमला कराया गया।
आशुतोष ब्रह्मचारी ने पुलिस और सरकार से मांग की है कि उनके पास मौजूद सबूत किसी भी तरह सुरक्षित रूप से हाईकोर्ट तक पहुंचाए जाएं, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके।
