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UP में तूफान और बारिश का कहर: 11 जिलों में 74 मौतें, 53 लोग घायल, 80 से ज्यादा घर टूटे

 
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उत्तर प्रदेश में बुधवार को आए तेज तूफान, धूल भरी आंधी और भारी बारिश ने कई जिलों में भारी तबाही मचा दी। प्रदेश के प्रयागराज, प्रतापगढ़, भदोही, फतेहपुर, उन्नाव, कानपुर देहात, चंदौली, सोनभद्र, बरेली, मिर्जापुर और बदायूं समेत कई जिलों में इस प्राकृतिक आपदा के कारण 74 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं।

सबसे ज्यादा असर Prayagraj में देखने को मिला, जहां 17 लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि हुई है। इसके अलावा Bhadohi में 16, Mirzapur में 14, Fatehpur में 9, Unnao में 4, Bareilly में 4, Kanpur Dehat में 3, Badaun में 5, Chandauli में 2 और Sonbhadra में 1 व्यक्ति की मौत की खबर सामने आई है।

प्रयागराज में सबसे ज्यादा तबाही

प्रयागराज में मरने वालों में पांच महिलाएं, चार बच्चे और आठ पुरुष शामिल हैं। जिले के हंडिया क्षेत्र में सात, फूलपुर में चार, सोरांव में तीन, मेजा में दो और सदर इलाके में एक व्यक्ति की मौत हुई है।

तूफान और बारिश के कारण जिले में 20 पशुओं की भी मौत हुई है, जबकि 16 मकान क्षतिग्रस्त हो गए। एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह के मुताबिक, अभी सभी तहसीलों से आंकड़े जुटाए जा रहे हैं और मृतकों की संख्या बढ़ भी सकती है।

मिर्जापुर में पेड़, दीवार और टीन शेड बने मौत की वजह

Mirzapur में चक्रवाती तूफान और तेज बारिश के कारण पेड़ गिरने, दीवार ढहने और बिजली गिरने की घटनाओं में 14 लोगों की मौत हो गई। कई लोग घायल भी हुए हैं।

मृतकों में पड़री थाना क्षेत्र के 5, अदलहाट के 3, कछवां के 2 और अन्य थाना क्षेत्रों के लोग शामिल हैं।

बरेली में भीषण तबाही

Bareilly के आंवला और भमोरा इलाकों में तेज तूफान ने भारी नुकसान पहुंचाया। कहीं दीवार गिर गई तो कहीं पेड़ और टिन शेड लोगों पर आ गिरे। हादसों में चार लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक सात साल की बच्ची भी शामिल है।

सीएम योगी ने दिए राहत के निर्देश

मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने हादसों पर गहरा दुख जताया है और अधिकारियों को प्रभावित इलाकों का दौरा कर राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सभी पीड़ितों तक 24 घंटे के भीतर राहत पहुंचाने और नुकसान का आकलन कर मुआवजा देने के निर्देश दिए गए हैं।

राज्य सरकार ने अभी तक पूरे प्रदेश का संयुक्त आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है, लेकिन प्रशासन लगातार प्रभावित जिलों से जानकारी जुटाने में लगा हुआ है।