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दिल्ली से भी जहरीली हुई यूपी के इन शहरों की हवा, हापुड़-बड़ौत का AQI 328 पहुंचा

 
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सर्दियों की आहट के साथ ही देश के कई शहरों में वायु प्रदूषण बढ़ने लगा है। धूल, धुएं और हवा में मौजूद सूक्ष्म कणों के कारण लोगों की सेहत पर खतरा मंडराने लगा है। हालात ऐसे हैं कि उत्तर प्रदेश के कई शहरों की हवा दिल्ली से भी ज्यादा प्रदूषित हो गई है। बृहस्पतिवार को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 223 दर्ज किया गया, जबकि यूपी के हापुड़ और बड़ौत में यह बढ़कर 328 तक पहुंच गया।

पंचगांव देश में सबसे प्रदूषित

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, हरियाणा के मानेसर स्थित पंचगांव में AQI 378 दर्ज किया गया, जो देश में सबसे अधिक रहा। वहीं, उत्तर प्रदेश के हापुड़ और बड़ौत में वायु गुणवत्ता सूचकांक 328 तक पहुंच गया। इसके अलावा बागपत में 282, मेरठ में 281 और खोड़ा में 256 AQI दर्ज किया गया। इन सभी शहरों में प्रदूषण का स्तर दिल्ली से अधिक रहा।

दिल्ली के मुकाबले नोएडा और हरियाणा के करनाल में AQI 242 दर्ज किया गया। ओडिशा के अंगुल में यह 244 और राजस्थान के खैरथल में 232 रहा। ये आंकड़े बताते हैं कि प्रदूषण की समस्या अब केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के राज्यों के कई शहर भी इसकी चपेट में हैं।

 लखनऊ की हवा भी खराब

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी वायु गुणवत्ता बिगड़ने लगी है। शहर के लालबाग निगरानी केंद्र पर AQI 219 दर्ज किया गया, जो खराब वायु गुणवत्ता का संकेत है। हालांकि, लखनऊ के चार अन्य निगरानी केंद्रों पर हवा की गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में रही।

आंकड़ों के अनुसार, देशभर के 20 शहरों में AQI 200 से ऊपर दर्ज किया गया, जिनमें उत्तर प्रदेश के नौ शहर शामिल हैं। वहीं, दिल्ली-एनसीआर के 29 शहरों में से 13 शहरों में वायु गुणवत्ता चिंताजनक स्तर पर रही। देशभर में निगरानी वाले 254 शहरों में से केवल 123 शहरों की हवा अच्छी या संतोषजनक श्रेणी में दर्ज की गई।

 PM 2.5 और PM 10 से बढ़ता स्वास्थ्य जोखिम

हवा में मौजूद PM 2.5 और PM 10 जैसे सूक्ष्म कण प्रदूषण के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। PM 2.5 के बेहद महीन कण सांस के जरिए फेफड़ों के भीतर तक पहुंच सकते हैं। लंबे समय तक प्रदूषित हवा के संपर्क में रहने से सांस संबंधी परेशानियों और दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।

ऐसे में प्रदूषण बढ़ने के साथ लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। स्थानीय AQI पर नजर रखें और हवा की गुणवत्ता खराब होने पर अनावश्यक रूप से लंबे समय तक बाहर रहने से बचें। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।