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जिस शाख पर बैठे हो…योगी कैबिनेट विस्तार से पहले बृजभूषण के बदले सुर! सोशल मीडिया पोस्ट ने बढ़ाई हलचल

 
Brijbhushan
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उत्तर प्रदेश में आज Yogi Adityanath सरकार का कैबिनेट विस्तार होने जा रहा है। इसी बीच भाजपा नेता और पूर्व सांसद Brij Bhushan Sharan Singh की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है।

बृजभूषण शरण सिंह ने अपने X (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर लिखा, शोहरत की बुलंदी भी पल भर का तमाशा है, जिस शाख़ पे बैठे हो वो टूट भी सकती है। उनकी इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। कुछ लोग इसे पार्टी नेतृत्व के प्रति नाराजगी से जोड़ रहे हैं, तो कुछ इसे उनके बागी तेवरों का संकेत मान रहे हैं।

बदले-बदले नजर आ रहे हैं बृजभूषण

बृजभूषण शरण सिंह अपने बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं। पिछले कुछ समय में उन्होंने कई मौकों पर समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav की तारीफ की थी। इसके बाद उनके समाजवादी पार्टी में जाने की चर्चाएं भी तेज हो गई थी। हालांकि अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर कभी स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी। अब कैबिनेट विस्तार से ठीक पहले आया यह पोस्ट राजनीतिक तौर पर काफी अहम माना जा रहा है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पोस्ट में इस्तेमाल किए गए शब्द सत्ता और राजनीति की ओर इशारा करते हैं, जिससे अटकलों का दौर और तेज हो गया है।

आज राजभवन में होगा शपथ ग्रहण

योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। राज्यपाल कार्यालय की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक, नए मंत्रियों को आज दोपहर 3 बजे राजभवन में शपथ दिलाई जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, इस विस्तार में करीब छह नए चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। इनमें भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष Bhupendra Chaudhary का नाम भी चर्चा में है।

इसके अलावा कई मंत्रियों के विभागों में फेरबदल की भी संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने की कोशिश की जा रही है।

पोस्ट ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल

बृजभूषण शरण सिंह की पोस्ट ऐसे समय में आई है, जब भाजपा सरकार अपने संगठन और सत्ता दोनों स्तरों पर बड़ा संदेश देने की तैयारी में है। ऐसे में उनके बयान को महज एक शायरी नहीं, बल्कि राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

हालांकि, इस पोस्ट का असली मतलब क्या है, इसका जवाब फिलहाल खुद बृजभूषण शरण सिंह के पास ही है।