UP Board Exam 2026: 18 मार्च से शुरू होगा कॉपियों का मूल्यांकन, यदि नंबरों में दिखा अंतर तो होगा क्रास चेक...
Mar 13, 2026, 11:00 IST
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वाराणसी। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 12 मार्च को सफलतापूर्वक समाप्त हो चुकी हैं। परीक्षा संपन्न होने के बाद अब बोर्ड पूरी पारदर्शिता के साथ उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है। जनपद के चार मूल्यांकन केंद्रों पर 18 मार्च से कॉपियों का मूल्यांकन कार्य शुरू होगा।
मूल्यांकन कार्य को पूरी तरह सटीक और निष्पक्ष बनाने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) की ओर से परीक्षकों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
पहली बार लागू होगी नई व्यवस्था
इस बार यूपी बोर्ड ने मूल्यांकन प्रक्रिया में एक नई व्यवस्था लागू की है। यदि किसी छात्र को एक विषय में अन्य विषयों की तुलना में बहुत कम या बहुत अधिक अंक मिलते हैं, तो संबंधित उत्तरपुस्तिका को अलग निकाल लिया जाएगा। इसके बाद विशेषज्ञों द्वारा उस कॉपी का क्रॉस-चेक किया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अंक देने में कोई त्रुटि तो नहीं हुई है।
मूल्यांकन के बाद 15% कॉपियों का होगा ऑडिट
बोर्ड के सचिव Bhagwati Singh ने बताया कि इस वर्ष मूल्यांकन के बाद 15 प्रतिशत उत्तर पुस्तिकाओं का ऑडिट कराया जाएगा। इसके लिए पहली बार ऑनलाइन ऑडिटर नियुक्त किए गए हैं।
प्रदेश भर में कॉपियों के मूल्यांकन के लिए करीब 1.31 लाख परीक्षक तैनात किए गए हैं। वहीं पूरे प्रदेश में 250 मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं, जबकि वाराणसी जिले में चार केंद्रों पर मूल्यांकन कार्य कराया जाएगा।
मेरिट सूची में बदलाव की संभावना होगी कम
पहले के वर्षों में मूल्यांकन में त्रुटियों के कारण कई बार प्रदेश स्तर की मेरिट सूची में बदलाव करना पड़ा था। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार हर केंद्र पर मूल्यांकित उत्तरपुस्तिकाओं में से 15 प्रतिशत का रेंडम ऑडिट कराया जाएगा।
यदि किसी छात्र को अधिकांश विषयों में 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक मिले हों, लेकिन किसी एक विषय में 40-45 प्रतिशत अंक हों, तो उस उत्तरपुस्तिका की अलग से जांच कराई जाएगी। इसी तरह यदि अधिकतर विषयों में कम अंक हों और किसी एक विषय में 90 प्रतिशत से अधिक अंक हों, तो भी संबंधित कॉपियों का क्रॉस-चेक कराया जाएगा।
बोर्ड का उद्देश्य है कि मूल्यांकन प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बनी रहे और मेरिट सूची में किसी भी तरह की त्रुटि या बदलाव की गुंजाइश न रहे।
मूल्यांकन कार्य को पूरी तरह सटीक और निष्पक्ष बनाने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) की ओर से परीक्षकों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
पहली बार लागू होगी नई व्यवस्था
इस बार यूपी बोर्ड ने मूल्यांकन प्रक्रिया में एक नई व्यवस्था लागू की है। यदि किसी छात्र को एक विषय में अन्य विषयों की तुलना में बहुत कम या बहुत अधिक अंक मिलते हैं, तो संबंधित उत्तरपुस्तिका को अलग निकाल लिया जाएगा। इसके बाद विशेषज्ञों द्वारा उस कॉपी का क्रॉस-चेक किया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अंक देने में कोई त्रुटि तो नहीं हुई है।
मूल्यांकन के बाद 15% कॉपियों का होगा ऑडिट
बोर्ड के सचिव Bhagwati Singh ने बताया कि इस वर्ष मूल्यांकन के बाद 15 प्रतिशत उत्तर पुस्तिकाओं का ऑडिट कराया जाएगा। इसके लिए पहली बार ऑनलाइन ऑडिटर नियुक्त किए गए हैं।
प्रदेश भर में कॉपियों के मूल्यांकन के लिए करीब 1.31 लाख परीक्षक तैनात किए गए हैं। वहीं पूरे प्रदेश में 250 मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं, जबकि वाराणसी जिले में चार केंद्रों पर मूल्यांकन कार्य कराया जाएगा।
मेरिट सूची में बदलाव की संभावना होगी कम
पहले के वर्षों में मूल्यांकन में त्रुटियों के कारण कई बार प्रदेश स्तर की मेरिट सूची में बदलाव करना पड़ा था। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार हर केंद्र पर मूल्यांकित उत्तरपुस्तिकाओं में से 15 प्रतिशत का रेंडम ऑडिट कराया जाएगा।
यदि किसी छात्र को अधिकांश विषयों में 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक मिले हों, लेकिन किसी एक विषय में 40-45 प्रतिशत अंक हों, तो उस उत्तरपुस्तिका की अलग से जांच कराई जाएगी। इसी तरह यदि अधिकतर विषयों में कम अंक हों और किसी एक विषय में 90 प्रतिशत से अधिक अंक हों, तो भी संबंधित कॉपियों का क्रॉस-चेक कराया जाएगा।
बोर्ड का उद्देश्य है कि मूल्यांकन प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बनी रहे और मेरिट सूची में किसी भी तरह की त्रुटि या बदलाव की गुंजाइश न रहे।
