UP Election 2027: बसपा ने तेज की चुनावी तैयारी, नवंबर तक चार सीटों पर घोषित हो सकते हैं प्रत्याशी
आगरा। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी की ओर से चुनाव से काफी पहले ही प्रत्याशियों के नाम घोषित करने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। खेरागढ़ विधानसभा सीट पर उम्मीदवार के ऐलान के बाद अब एत्मादपुर सीट के प्रत्याशी की घोषणा की तैयारी है। इसके लिए जनसभा आयोजित करने की योजना है, जिसमें बसपा के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद को बुलाने की मांग की गई है। पार्टी नवंबर तक जिले की चार विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर सकती है।
खेरागढ़ के बाद एत्मादपुर पर नजर
बसपा ने 16 सितंबर को आयोजित जनसभा में खेरागढ़ विधानसभा सीट से नीरज रावत को अपना प्रत्याशी घोषित किया था। पार्टी ने इस सीट पर ब्राह्मण चेहरे को मौका देकर सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश की है। इस कार्यक्रम में आकाश आनंद के शामिल होने की संभावना जताई गई थी, लेकिन पार्टी से निष्कासित किए जाने के कारण वह जनसभा में शामिल नहीं हुए। कार्यक्रम में बसपा के मंडल प्रभारी मौजूद रहे थे।
अब पार्टी का ध्यान एत्मादपुर विधानसभा सीट पर है। यहां प्रत्याशी के तौर पर सर्वेश बघेल का नाम प्रमुख दावेदारों में बताया जा रहा है। उम्मीदवार की घोषणा के लिए जनसभा आयोजित करने की तैयारी है। पार्टी इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं को जुटाकर चुनावी माहौल बनाने की रणनीति पर भी काम कर रही है। इसके लिए आकाश आनंद को आमंत्रित करने की मांग की गई है।
फतेहाबाद में बदला समीकरण, निषाद दावेदार को प्राथमिकता
एत्मादपुर के बाद बसपा की ओर से फतेहाबाद और फतेहपुर सीकरी विधानसभा सीटों के उम्मीदवारों पर फैसला किए जाने की तैयारी है। फतेहाबाद सीट पर पहले ठाकुर प्रत्याशी को उतारने की चर्चा थी, लेकिन भाजपा विधायक छोटेलाल वर्मा के निधन के बाद पार्टी के समीकरणों में बदलाव की बात सामने आ रही है। अब यहां निषाद समुदाय के दावेदार को प्राथमिकता दिए जाने की चर्चा है।
वहीं, फतेहपुर सीकरी सीट के लिए ठाकुर और ब्राह्मण समुदाय के दावेदारों के नामों पर विचार किया जा रहा है। पार्टी जातीय समीकरणों के साथ स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर उम्मीदवारों का चयन करना चाहती है।
पुराने प्रदर्शन से वापसी की उम्मीद
आगरा जिले में बसपा का पहले मजबूत जनाधार रहा है। वर्ष 2007 और 2012 के विधानसभा चुनावों में पार्टी ने जिले की नौ सीटों में से छह पर जीत दर्ज की थी। वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में फतेहपुर सीकरी सीट से बसपा की सीमा उपाध्याय भी विजयी हुई थीं।
हालांकि, 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में पार्टी जिले में कोई सीट नहीं जीत सकी। इसके बावजूद दोनों चुनावों में बसपा के उम्मीदवार दूसरे स्थान पर रहे थे। ऐसे में पार्टी दलित मतदाताओं के साथ सवर्ण और पिछड़े वर्गों के बीच भी अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
प्रत्याशियों की समय से घोषणा कर बसपा उम्मीदवारों को क्षेत्र में जनसंपर्क और संगठन मजबूत करने का पर्याप्त समय देना चाहती है। अब एत्मादपुर, फतेहाबाद और फतेहपुर सीकरी में उम्मीदवारों के नामों पर होने वाले फैसलों से जिले की चुनावी राजनीति की दिशा को लेकर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है। नवंबर तक चार सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा की संभावनाओं के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है।
