यूपी चुनाव 2027: कांग्रेस को 25 से ज्यादा सीटें नहीं देते बृजभूषण सिंह, अखिलेश यादव को भी दी नसीहत
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन और सीटों के बंटवारे को लेकर सियासी बयानबाजी तेज होने लगी है। इसी बीच भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कांग्रेस की सीटों की दावेदारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर सीटों के बंटवारे का फैसला उनके हाथ में होता, तो वह कांग्रेस को 25 से ज्यादा सीटें नहीं देते। उन्होंने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को भी नसीहत दी। उनके बयान के बाद यूपी में विपक्षी गठबंधन की रणनीति को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
कांग्रेस की सीटों की दावेदारी पर उठाए सवाल
बृजभूषण शरण सिंह रविवार को इटावा में क्षत्रिय स्वाभिमान मंच की ओर से आयोजित दशहरा मिलन समारोह में शामिल हुए थे। कार्यक्रम के दौरान आगामी विधानसभा चुनाव और राजनीतिक दलों की रणनीति पर चर्चा करते हुए उन्होंने कांग्रेस की सीटों की मांग पर अपनी राय रखी।
उन्होंने कहा कि यदि सीटों के बंटवारे का निर्णय उनके हाथ में होता, तो कांग्रेस को 25 सीटों से अधिक नहीं देते। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के 200 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की संभावनाओं को लेकर चर्चा हो रही है।
सपा-कांग्रेस गठबंधन में सीटों को लेकर बढ़ सकती है बहस
उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच संभावित सीट बंटवारे को लेकर पहले से ही राजनीतिक चर्चाएं चल रही हैं। ऐसे में बृजभूषण सिंह के बयान ने इस मुद्दे को और गरमा दिया है। हालांकि, यह उनका व्यक्तिगत बयान है। इसे सपा और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे से जुड़ा कोई आधिकारिक फैसला नहीं माना जा सकता।
अखिलेश यादव को आजम खान से मिलने की सलाह
बृजभूषण शरण सिंह ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को पहले ही रामपुर जाकर आजम खान से मुलाकात कर लेनी चाहिए थी। उनके इस बयान को सपा नेतृत्व और आजम खान के बीच संवाद को लेकर दी गई नसीहत के रूप में देखा जा रहा है।
ओवैसी और चंद्रशेखर की मुलाकात पर भी बोले
कार्यक्रम में बृजभूषण सिंह से असदुद्दीन ओवैसी और चंद्रशेखर आजाद की मुलाकात को लेकर भी सवाल किया गया। इस पर उन्होंने कहा कि ओवैसी एक नेता हैं और उनकी अपनी राजनीति है। उन्होंने इस मुलाकात के आधार पर किसी संभावित गठबंधन या चुनावी समझौते को लेकर कोई स्पष्ट दावा नहीं किया।
2027 से पहले गठबंधन की राजनीति पर नजर
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले राजनीतिक दलों के बीच गठबंधन, सीटों के बंटवारे और चुनावी रणनीति को लेकर गतिविधियां तेज होने की संभावना है। बृजभूषण शरण सिंह के बयान ने कांग्रेस की सीटों की दावेदारी और सपा के साथ उसके संभावित तालमेल को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी।
