UP MLC चुनाव: आगरा में सपा-भाजपा समर्थकों में भिड़ें, अखिलेश यादव ने वीडियो शेयर कर उठाए सवाल
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन सीटों पर मतगणना के दौरान कई जगहों पर विवाद की खबरें सामने आई हैं। आगरा में शिक्षक सीट की मतगणना के बीच सपा और भाजपा समर्थक आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। विरोध जताते हुए दोनों दलों के कार्यकर्ता मतगणना स्थल पर धरने पर बैठ गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था बढ़ानी पड़ी।
इस बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आगरा की घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। उन्होंने सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल के साथ कथित दुर्व्यवहार का मुद्दा उठाते हुए प्रशासन से कार्रवाई करने और उन्हें जीत का प्रमाणपत्र देने की मांग की।
आगरा में मतगणना स्थल पर क्यों हुआ विवाद?
आगरा के फिरोजाबाद रोड स्थित नवीन गल्ला मंडी में शिक्षक और स्नातक एमएलसी सीटों की मतगणना चल रही है। इसी दौरान शिक्षक सीट पर तीसरे राउंड की गिनती के बाद विवाद की स्थिति बन गई। सपा और भाजपा समर्थकों के बीच कहासुनी के बाद हंगामा शुरू हो गया।
भाजपा पक्ष की ओर से आरोप लगाया गया कि सपा समर्थकों ने मारपीट की और कार्यकर्ताओं के कपड़े तक फाड़ दिए। वहीं, सपा समर्थकों ने भी भाजपा पक्ष पर आरोप लगाए। विवाद बढ़ने के बाद दोनों दलों के कार्यकर्ता विरोध जताते हुए धरने पर बैठ गए।
मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने दोनों पक्षों को समझाकर शांत कराने की कोशिश की। एहतियात के तौर पर मंडी समिति परिसर में सुरक्षा बढ़ाई गई और मुख्य गेट बंद कर दिया गया। हालांकि, दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी जरूरी है।
अखिलेश यादव ने वीडियो साझा कर प्रशासन से की कार्रवाई की मांग
आगरा की घटना को लेकर अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल के साथ कथित व्यवहार पर सवाल उठाते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की। साथ ही उन्होंने अग्रवाल को जीत का प्रमाणपत्र देने की मांग भी उठाई।
अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग, प्रशासन, सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रपति से भी मामले का संज्ञान लेने की अपील की। उन्होंने अपने पोस्ट में अग्रवाल समाज का जिक्र करते हुए घटना को लेकर नाराजगी जताई।
अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया के बाद आगरा की मतगणना को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। हालांकि, किसी प्रत्याशी को विजेता घोषित करने और प्रमाणपत्र जारी करने का निर्णय निर्धारित निर्वाचन प्रक्रिया तथा सक्षम निर्वाचन अधिकारी की आधिकारिक घोषणा के आधार पर ही होता है।
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट पर भी उठीं आपत्तियां
आगरा के अलावा गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भी मतगणना के दौरान आपत्ति सामने आई। जानकारी के मुताबिक, तीसरे राउंड की गिनती के समय कुछ मतों को लेकर सवाल उठाए गए। वित्तविहीन शिक्षक संघ एकजुट के प्रत्याशी राजीव यादव के समर्थन में सपा कार्यकर्ता भी मतगणना केंद्र पहुंचे।
मतपत्रों की गिनती और निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों के बीच वहां भी माहौल गर्म रहा। हालांकि, इन आपत्तियों के संबंध में निर्वाचन अधिकारियों की आधिकारिक स्थिति सामने आना महत्वपूर्ण है।
फिलहाल, आगरा और गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीटों पर मतगणना के दौरान सामने आए विवादों ने चुनावी माहौल को गरमा दिया है। दोनों ही मामलों में लगाए गए आरोपों और किसी भी संभावित अनियमितता की पुष्टि निर्वाचन अधिकारियों की आधिकारिक जानकारी और जांच के आधार पर ही की जा सकती है।
