Movie prime

UP पुलिस SI भर्ती 2025 पर हाईकोर्ट की रोक, नियुक्ति पत्र जारी करने पर लगाई पाबंदी

 
up police
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

 

उत्तर प्रदेश पुलिस में सब इंस्पेक्टर भर्ती 2025 को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की ओर से आयोजित उत्तर प्रदेश उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों की सीधी भर्ती 2025 में नियुक्ति पत्र जारी करने पर फिलहाल रोक लगा दी है। मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को होगी।

यह आदेश न्यायमूर्ति अनीस कुमार गुप्ता ने श्याम सुंदर, कमलेश यादव व अन्य तथा यश पांडेय और 44 अन्य की ओर से दाखिल याचिकाओं पर सुनाया है।


15 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों ने किया था आवेदन

सब इंस्पेक्टर भर्ती 2025 का विज्ञापन 12 अगस्त 2025 को जारी किया गया था। भर्ती के लिए कुल 15 लाख 75 हजार 706 आवेदन प्राप्त हुए थे। लिखित परीक्षा 14 और 15 मार्च को दो पालियों में आयोजित की गई थी। परीक्षा में करीब 10 लाख 77 हजार अभ्यर्थी शामिल हुए थे।

लिखित परीक्षा का परिणाम 7 मई को घोषित किया गया था। इसमें 12,733 अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण के लिए सफल घोषित किया गया। इसके बाद भर्ती बोर्ड ने 14 जुलाई को अंतिम परिणाम जारी किया।


उत्तर कुंजी में बदलाव को लेकर उठे सवाल

याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता संजय कुमार यादव ने कोर्ट को बताया कि भर्ती बोर्ड ने 23 मार्च को प्रोविजनल उत्तर कुंजी जारी की थी। इसके बाद 7 मई को फाइनल उत्तर कुंजी जारी की गई, जिसमें कई प्रश्नों के उत्तरों में बदलाव किया गया।

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि बदले गए उत्तरों को लेकर अभ्यर्थियों ने आपत्तियां दर्ज कराई थीं। एक प्रश्न 2.5 अंक का था और उत्तर में बदलाव का असर कई अभ्यर्थियों के अंतिम परिणाम पर पड़ा।


एक-दो अंकों से बाहर हुए अभ्यर्थी

याचिका में दावा किया गया है कि कुछ अभ्यर्थी पहले की प्रक्रिया में सफल रहे थे, लेकिन अंतिम परिणाम में एक या दो अंकों के अंतर से असफल घोषित कर दिए गए। अभ्यर्थियों ने बदले गए प्रश्नों और उनके उत्तरों को लेकर भर्ती बोर्ड के समक्ष आपत्ति भी दर्ज कराई, लेकिन उनका कहना है कि इन आपत्तियों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।

 

इसी को लेकर अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट का रुख किया। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने फिलहाल नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक लगा दी है। अब इस मामले में 5 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

UP पुलिस SI भर्ती 2025 पर हाईकोर्ट की रोक, नियुक्ति पत्र जारी करने पर लगाई पाबंदी

 

 

उत्तर प्रदेश पुलिस में सब इंस्पेक्टर भर्ती 2025 को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की ओर से आयोजित उत्तर प्रदेश उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों की सीधी भर्ती 2025 में नियुक्ति पत्र जारी करने पर फिलहाल रोक लगा दी है। मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को होगी।

यह आदेश न्यायमूर्ति अनीस कुमार गुप्ता ने श्याम सुंदर, कमलेश यादव व अन्य तथा यश पांडेय और 44 अन्य की ओर से दाखिल याचिकाओं पर सुनाया है।


15 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों ने किया था आवेदन

सब इंस्पेक्टर भर्ती 2025 का विज्ञापन 12 अगस्त 2025 को जारी किया गया था। भर्ती के लिए कुल 15 लाख 75 हजार 706 आवेदन प्राप्त हुए थे। लिखित परीक्षा 14 और 15 मार्च को दो पालियों में आयोजित की गई थी। परीक्षा में करीब 10 लाख 77 हजार अभ्यर्थी शामिल हुए थे।

लिखित परीक्षा का परिणाम 7 मई को घोषित किया गया था। इसमें 12,733 अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण के लिए सफल घोषित किया गया। इसके बाद भर्ती बोर्ड ने 14 जुलाई को अंतिम परिणाम जारी किया।


उत्तर कुंजी में बदलाव को लेकर उठे सवाल

याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता संजय कुमार यादव ने कोर्ट को बताया कि भर्ती बोर्ड ने 23 मार्च को प्रोविजनल उत्तर कुंजी जारी की थी। इसके बाद 7 मई को फाइनल उत्तर कुंजी जारी की गई, जिसमें

कई प्रश्नों के उत्तरों में बदलाव किया गया।

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि बदले गए उत्तरों को लेकर अभ्यर्थियों ने आपत्तियां दर्ज कराई थीं। एक प्रश्न 2.5 अंक का था और उत्तर में बदलाव का असर कई अभ्यर्थियों के अंतिम परिणाम पर पड़ा।


एक-दो अंकों से बाहर हुए अभ्यर्थी

याचिका में दावा किया गया है कि कुछ अभ्यर्थी पहले की प्रक्रिया में सफल रहे थे, लेकिन अंतिम परिणाम में एक या दो अंकों के अंतर से असफल घोषित कर दिए गए। अभ्यर्थियों ने बदले गए प्रश्नों और उनके उत्तरों को लेकर भर्ती बोर्ड के समक्ष आपत्ति भी दर्ज कराई, लेकिन उनका कहना है कि इन आपत्तियों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।

इसी को लेकर अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट का रुख किया। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने फिलहाल नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक लगा दी है। अब इस मामले में 5 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।