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UP Voter List 2027: राशन कार्ड से खोजे जाएंगे छूटे हुए वोटर, महिलाओं और युवाओं के नाम जोड़ने पर खास जोर

 
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UP Voter List 2027: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर तैयारियां तेज होने लगी हैं। इसी क्रम में चुनाव आयोग ने मतदाता सूची को अधिक सटीक और व्यापक बनाने के लिए नई रणनीति तैयार की है। अब पात्र लोगों को मतदाता बनाने के लिए सिर्फ पुरानी वोटर लिस्ट के रिकॉर्ड पर निर्भर नहीं रहा जाएगा, बल्कि राशन कार्ड के लाभार्थियों की सूची, पंचायत और नगर निकाय की मतदाता सूचियों की भी मदद ली जाएगी।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ऐसे लोगों की पहचान करना है, जिनकी उम्र 18 साल या उससे अधिक हो चुकी है, लेकिन किसी वजह से उनका नाम विधानसभा की मतदाता सूची में दर्ज नहीं है। ऐसे पात्र नागरिकों को वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए जागरूक किया जाएगा और उनसे फॉर्म-6 भरवाया जाएगा।

राशन की दुकानों से तलाशे जाएंगे छूटे हुए मतदाता

उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के निर्देश पर सभी जिलों में पात्र मतदाताओं की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाने की तैयारी है। इसके तहत जिला निर्वाचन अधिकारियों को खाद्य एवं रसद विभाग की राशन दुकानों पर उपलब्ध लाभार्थियों के रिकॉर्ड की जांच करने को कहा गया है।

इस सूची में ऐसे लोगों को चिह्नित किया जाएगा, जिनकी उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक है, लेकिन उनका नाम विधानसभा की मतदाता सूची में नहीं है। ऐसे लोगों को वोटर बनने के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्हें मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए फॉर्म-6 भरने की जानकारी भी दी जाएगी।

पंचायत और नगर निकाय की वोटर लिस्ट से होगा मिलान

चुनाव आयोग की इस मुहिम में पंचायत और नगर निकायों की मतदाता सूचियों को भी शामिल किया गया है। विधानसभा की वोटर लिस्ट का स्थानीय निकायों की मतदाता सूचियों से मिलान कराया जाएगा।

दरअसल, अलग-अलग चुनावों के लिए तैयार होने वाली मतदाता सूचियों में मतदाताओं की संख्या में अंतर देखने को मिलता है। ऐसे में इन सूचियों का मिलान कर उन पात्र नागरिकों की पहचान की जाएगी, जिनका नाम विधानसभा की मतदाता सूची में शामिल नहीं है।

 महिलाओं के नाम जोड़ने के लिए घर-घर पहुंचेंगी आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता

मतदाता सूची में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना भी चुनाव आयोग की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मदद ली जाएगी। ये कार्यकर्ता अपने क्षेत्र में घर-घर जाकर ऐसी महिलाओं की पहचान करेंगी, जो मतदान की पात्र हैं, लेकिन उनका नाम वोटर लिस्ट में दर्ज नहीं है।

ग्रामीण क्षेत्रों में महिला स्वयं सहायता समूहों को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा।

महिलाओं के नाम मतदाता सूची में कम होने का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अंतिम मतदाता सूची में प्रति 1000 पुरुष मतदाताओं पर महिलाओं की संख्या 834 दर्ज की गई थी। जबकि वर्ष 2025 की मतदाता सूची में यह आंकड़ा 877 था। इसी अंतर को कम करने के लिए महिलाओं को मतदाता सूची से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।


18 से 19 साल के युवाओं को वोटर बनाने की तैयारी

पहली बार मतदान करने वाले युवाओं को भी इस अभियान में शामिल किया जाएगा। इसके लिए स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों की मदद ली जाएगी। खासतौर पर 18 से 19 साल की उम्र के युवाओं को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए जागरूक किया जाएगा।

इसके अलावा एनएसएस, एनसीसी, नेहरू युवा केंद्र, युवक मंगल दल और भारत स्काउट्स एंड गाइड्स जैसे संगठनों का सहयोग लिया जाएगा। शिक्षण संस्थानों में चल रहे इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब के माध्यम से युवाओं को मतदान के अधिकार और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी।

 12 नवंबर से शुरू होगी मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया

उत्तर प्रदेश में विधानसभा मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (Special Summary Revision-2027) की प्रक्रिया 12 नवंबर 2026 से शुरू होगी। इस दौरान एकीकृत मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन के लिए दावे और आपत्तियां मांगी जाएंगी।

निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक, 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026 तक दावे और आपत्तियां स्वीकार की जाएंगी। इसके बाद 28 दिसंबर तक उनका निस्तारण किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया के बाद 4 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने का कार्यक्रम निर्धारित है।

 13.39 करोड़ मतदाताओं के रिकॉर्ड पर रहेगी नजर

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद उत्तर प्रदेश की अंतिम विधानसभा मतदाता सूची में करीब 13.39 करोड़ मतदाता दर्ज हैं। अब चुनाव आयोग का जोर ऐसे पात्र लोगों को सूची में शामिल करने पर है, जो अब तक किसी कारण से मतदाता नहीं बन पाए हैं।

इसके लिए राशन कार्ड के रिकॉर्ड, पंचायत और नगर निकाय की मतदाता सूचियां, आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का नेटवर्क और शैक्षणिक संस्थानों की मदद ली जाएगी।

कुल मिलाकर, विधानसभा चुनाव 2027 से पहले चुनाव आयोग की यह कवायद मतदाता सूची को अधिक समावेशी बनाने की दिशा में अहम मानी जा रही है। इससे महिलाओं, युवाओं और उन नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल होने का अवसर मिलेगा, जो पात्र होने के बावजूद अब तक अपने मतदान के अधिकार का इस्तेमाल करने के लिए पंजीकृत नहीं हो पाए हैं।