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UP Weather : पूरब से पश्चिम तक बरसेंगे बादल, वाराणसी, चंदौली समेत 25 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

 
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में इस बार मानसून जमकर मेहरबान रहा है। अगस्त महीने में प्रदेश के पूरब से पश्चिम तक सामान्य से करीब 24 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के मुताबिक, पिछले 100 वर्षों में यह दूसरी बार है जब अगस्त में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है। इससे पहले 2018 में अगस्त के दौरान 293.1 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई थी, जबकि इस साल अगस्त में 291.3 मिमी वर्षा हुई।

सितंबर की शुरुआत में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। 1 और 2 सितंबर को मध्य व पूर्वी यूपी के साथ दक्षिणी जिलों में अच्छी बारिश हुई, जिससे मौसम सुहाना हो गया। प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे रहने के कारण लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली है।

25 से ज्यादा जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने गुरुवार और शुक्रवार को प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। रायबरेली, प्रयागराज समेत मध्य, पूर्वी और पश्चिमी यूपी के कई जिलों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है।

मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, अगले दो दिनों तक मध्य और पूर्वी यूपी के साथ पश्चिमी हिस्सों में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है। करीब 20 जिलों में आकाशीय बिजली गिरने और गरज-चमक का खतरा भी बना हुआ है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

लखनऊ-मिर्जापुर में जमकर बरसे बादल

राजधानी लखनऊ में बुधवार को सुबह से ही बादलों की आवाजाही बनी रही और रुक-रुककर बारिश होती रही। दोपहर और शाम के समय शहर के कई इलाकों में तेज बारिश हुई। इससे पहले मंगलवार को भी राजधानी में भारी बारिश दर्ज की गई थी।

आंकड़ों के मुताबिक, लखनऊ में दोपहर तीन बजे तक 115.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। वहीं मिर्जापुर में 161 मिमी बारिश के साथ प्रदेश में सबसे ज्यादा वर्षा दर्ज की गई। सीतापुर में 130.6 मिमी, चित्रकूट में 108 मिमी और बांदा में 90 मिमी बारिश हुई।

बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम का असर

मौसम में आए इस बदलाव की बड़ी वजह बंगाल की खाड़ी में बना मौसम तंत्र बताया जा रहा है। इसके प्रभाव से उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, 7 सितंबर के बाद मानसून की गतिविधियों में कमी आने के संकेत हैं। वहीं सितंबर में कुल बारिश सामान्य से करीब 10 प्रतिशत कम रहने का अनुमान है।

इन जिलों में भारी बारिश की संभावना

गुरुवार और शुक्रवार को बांदा, कानपुर देहात, कानपुर नगर, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, फर्रुखाबाद, कन्नौज, उन्नाव, रायबरेली, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बस्ती, बरेली, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं और झांसी समेत आसपास के जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

बारिश के दौरान लोगों को खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में आकाशीय बिजली को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।