वृंदावन नाव हादसा: 7 दिन बाद मिला मैनेजर का शव, मृतकों की संख्या पहुंची 16
वृंदावन: यमुना नदी में हुए दर्दनाक नाव हादसे में लापता चल रहे पंकज मल्होत्रा का शव सातवें दिन बरामद कर लिया गया है। उनका शव हादसे वाली जगह से करीब ढाई किलोमीटर आगे देवरहा घाट और पानीगांव पुल के पास नदी में तैरता मिला। शव को गोताखोरों और सेना के जवानों की मदद से बाहर निकाला गया।
इस बरामदगी के साथ ही हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है।
पहले भी मिल चुके हैं कई शव
इससे पहले सोमवार को हादसे वाली जगह से करीब 12 किलोमीटर दूर बंगाली घाट और देवरा बाबा आश्रम के पास दो शव बरामद किए गए थे। महिला की पहचान लुधियाना की रहने वाली मोनिका टंडन के रूप में हुई। युवक की पहचान यश भल्ला (22) के रूप में हुई।
मोनिका टंडन हाल ही में शादी के बाद अपने परिवार के साथ वृंदावन घूमने आई थीं और जल्द ही विदेश जाने वाली थीं। वहीं यश भल्ला धार्मिक कार्यक्रमों में ढोलक बजाने के लिए जाने जाते थे और पहली बार वृंदावन आए थे।
कैसे हुआ था हादसा?
यह हादसा 10 अप्रैल की दोपहर करीब 3 बजे हुआ था, जब यमुना नदी में सवार एक नाव अचानक पलट गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक- नाव नदी के बीच में थीतेज हवा (करीब 40 किमी/घंटा) चल रही थी। नाविक नियंत्रण खो बैठा। नाव पुल से टकराई और फिर पलट गई।
नाव में सवार लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और कई लोग पानी में डूब गए।
ओवरलोड नहीं, लेकिन हालात बिगड़े
एक प्रत्यक्षदर्शी रजिंदर कौर के अनुसार नाव में करीब 37 लोग सवार थे। बीच रास्ते में कुछ लोगों को दूसरी नाव में भेजा गया, लेकिन अधिकांश लोग उसी नाव में रहे। तेज हवा और पुल से टकराने के कारण नाव पलट गई।
7 दिन चला रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे के बाद से प्रशासन के लिए लापता लोगों की तलाश बड़ी चुनौती बनी हुई थी। रेस्क्यू ऑपरेशन में NDRF, SDRF, PAC, स्थानीय गोताखोर की संयुक्त टीम लगी रही। करीब 250 लोगों ने लगातार सात दिनों तक यमुना में सर्च ऑपरेशन चलाया।
कौन थे पंकज मल्होत्रा?
पुलिस के अनुसार पंकज मल्होत्रा हिमाचल प्रदेश की एक स्टील कंपनी में मैनेजर थे। वह 10 अप्रैल को अकेले वृंदावन घूमने आए थे और ग्रुप के साथ नाव में सवार थे। हादसे के बाद से वह लापता थे।
