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यूपी में बारिश-बाढ़ का कहर! 60 घंटे में 56 मौतें, 711 मकान ढहे; 27 जिलों में अलर्ट

 
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उत्तर प्रदेश में मानसून की विदाई से पहले बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। प्रदेश के अधिकांश जिलों में पिछले तीन-चार दिनों से लगातार बारिश हो रही है। कई जगह सड़कें और नदियां उफान पर हैं, जबकि बाढ़ का पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया है। मौसम विभाग ने पश्चिमी यूपी से लेकर पूर्वांचल तक कई जिलों में भारी और बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

आईएमडी के मुताबिक सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, ज्योतिबा फुले नगर, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, सीतापुर, गोंडा, बलरामपुर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, गोरखपुर, महाराजगंज, कुशीनगर और देवरिया में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं बहराइच, श्रावस्ती, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, बरेली, रामपुर, मुरादाबाद और बिजनौर में बहुत भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

60 घंटे में 56 लोगों की मौत

लगातार बारिश और खराब मौसम के बीच प्रदेश में जनहानि भी हुई है। राहत आयुक्त की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक पिछले 60 घंटे में 56 लोगों की मौत और 46 लोग घायल हुए हैं। इस दौरान 78 मवेशियों की भी मौत हुई है। सबसे ज्यादा 28 मवेशियों की मौत हरदोई में हुई है। वहीं बारिश के चलते 711 मकान ढह गए, जिनमें सबसे ज्यादा 272 मकान हरदोई में क्षतिग्रस्त हुए हैं। पिछले 24 घंटे में ही छह लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है।

पांच दिन बाद लखनऊ में मौसम हुआ सामान्य

राजधानी लखनऊ में करीब पांच दिनों तक लगातार बारिश के बाद सोमवार को मौसम में सुधार देखने को मिला। आसमान से काले बादल छंटे और कुछ इलाकों में धूप भी निकली। हालांकि मौसम विभाग ने लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना से इनकार नहीं किया है। सोमवार को अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

मौसम विभाग के अनुसार लखनऊ में 25 से 27 सितंबर के बीच 180.4 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश महज 9.4 मिमी होती है।

महराजगंज में नेपाल की नदियों ने बढ़ाई मुश्किल

महराजगंज में नेपाल से आने वाले पानी के कारण कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं। गेडहवा, सोहगीबरवा, भोतहा और शिकारपुर गांवों में पानी घुस गया है। नारायणी नदी में रात से करीब छह लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की जानकारी है। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और करीब 45 हजार की आबादी प्रभावित बताई जा रही है। राहत और बचाव कार्य के लिए पीएसी और एसएसबी की फ्लड कंपनियों को तैनात किया गया है।

बाराबंकी में सरयू का कहर, मंदिर-मस्जिद और घर नदी में समाए

नेपाल से आए पानी के कारण बाराबंकी में सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ कटान तेज हो गया। रामनगर तहसील के हेतमापुर में नदी की तेज धारा में एक मस्जिद, शिव मंदिर और करीब 10 घर समा गए। इसके बाद कटान बाबा नारायण दास की तपोस्थली की ओर बढ़ गया। तपोस्थली के मंदिर का निचला हिस्सा भी नदी की चपेट में आ गया है।

बदायूं में गोवंश की मौत पर प्रशासन और स्थानीय दावों में अंतर

बदायूं में बारिश और ठंड के बीच गोवंश की मौत का मामला भी सामने आया है। प्रशासन ने अब तक 30 गोवंश की मौत की पुष्टि की है, जबकि सोशल मीडिया पर इससे कहीं अधिक मौतों के दावे किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी के मुताबिक अभिगांव में 20, ब्यौरा में नौ और मानिकपुर में एक गोवंश की मौत हुई है। 40 से अधिक गोवंश का इलाज चल रहा है।

मामले की निगरानी सीडीओ की अध्यक्षता में की जा रही है। अभिगांव में केयरटेकर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई है। वहीं बजरंग दल के प्रांतीय अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने मौके पर पहुंचकर 74 गोवंश की मौत का दावा किया है। ऐसे में प्रशासनिक आंकड़ों और स्थानीय दावों के बीच अंतर की स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।