Movie prime

बड़े मंगल पर ‘वाटर वूमेन’ शिप्रा पाठक की अनोखी पहल, 55 हजार हरे पत्तल बांटकर दिया प्लास्टिक मुक्त संदेश

 
...
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

लखनऊ में बड़े मंगल के अवसर पर इस बार आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी गूंजा। ‘वाटर वूमेन’ के नाम से जानी जाने वाली शिप्रा पाठक ने 55 हजार हरे पत्तलों का निःशुल्क वितरण कर एक नई पहल की शुरुआत की।

यह अभियान न सिर्फ धार्मिक आयोजनों को पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में अहम कदम साबित हुआ, बल्कि लोगों को प्लास्टिक के नुकसान के प्रति जागरूक करने का माध्यम भी बना।

..

भंडारों में प्लास्टिक के खिलाफ मुहिम

बड़े मंगल पर शहरभर में आयोजित भंडारों में आमतौर पर प्लास्टिक के दोने-पत्तल का भारी उपयोग होता है, जिससे कचरा बढ़ता है और जलस्रोत प्रदूषित होते हैं। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए शिप्रा पाठक ने अपनी संस्था पंचतत्व के साथ मिलकर यह अभियान चलाया।

उन्होंने प्रेस क्लब, दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर, हजरतगंज, इंदिरानगर, गोमती नगर और हनुमान सेतु समेत कई स्थानों पर जाकर आयोजकों और श्रद्धालुओं को हरे पत्तल वितरित किए।

,,

गोमती नदी को बचाने का संकल्प

गोमती नदी का जिक्र करते हुए शिप्रा पाठक ने कहा कि प्लास्टिक कचरा नालियों के जरिए नदियों में पहुंचकर जल प्रदूषण का बड़ा कारण बनता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते लोग जागरूक नहीं हुए, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ जल मिलना मुश्किल हो जाएगा।

हर मंगलवार चलेगा अभियान

शिप्रा पाठक ने घोषणा की कि यह अभियान यहीं नहीं रुकेगा। संस्था ‘पंचतत्व’ अब हर मंगलवार को निःशुल्क हरे दोना-पत्तल वितरित करेगी, ताकि अधिक से अधिक लोग इस मुहिम से जुड़ सकें।

उन्होंने सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और मीडिया से अपील की कि वे इस अभियान को आगे बढ़ाने में सहयोग करें।

लोगों ने किया समर्थन

इस पहल को शहरभर में सराहना मिली। भंडारा आयोजकों और आम लोगों ने भरोसा दिलाया कि वे भविष्य में प्लास्टिक के उपयोग को कम कर पर्यावरण के अनुकूल विकल्प अपनाने का प्रयास करेंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि हरे पत्तल पूरी तरह जैविक होते हैं और आसानी से नष्ट हो जाते हैं, जबकि प्लास्टिक लंबे समय तक पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है।

पहले भी चला चुकी हैं अभियान

गौरतलब है कि शिप्रा पाठक इससे पहले भी ‘एक थैला, एक थाली’ अभियान के जरिए बड़े आयोजनों में कचरा प्रबंधन को लेकर जागरूकता फैला चुकी हैं।

इस बार उनके इस अभियान में गोरखपुर, कानपुर, प्रयागराज, कन्नौज, अयोध्या, हरदोई, सुल्तानपुर और रायबरेली से भी लोग जुड़कर इसे जनआंदोलन बनाने में सहयोग कर रहे हैं।