101 थाल, गाजे-बाजे और डमरुओं की नाद... लाट भैरव के भाल पर सजा तिलक, धूमधाम से हुआ बाबा का तिलकोत्सव
वाराणसी। धर्म और आस्था की नगरी काशी में बाबा श्री कपाल भैरव यानी प्रसिद्ध लाट भैरव का तिलकोत्सव इस बार भी पूरे उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ मनाया गया। हल्की बारिश के बीच लाट भैरव मंदिर से भव्य तिलक शोभायात्रा निकली, जो करीब दो किलोमीटर का सफर तय कर विश्वेश्वरगंज मंडी स्थित माता शीतला मंदिर पहुंची। गाजे-बाजे, डमरुओं और डीजे की धुन पर श्रद्धालु झूमते नजर आए।
शोभायात्रा का शुभारंभ विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने श्री कपाल भैरव अथवा लाट भैरव प्रबंध समिति के अध्यक्ष रोहित जायसवाल के सिर पर पीले अक्षत से सजी परात रखकर किया। इस दौरान गणेश प्रतिमा और तिलक सामग्री के साथ श्रद्धालु पूरे उत्साह से शोभायात्रा में शामिल हुए।
देर शाम से शुरू हुई तिलक की तैयारी
कज्जाकपुरा स्थित लाट भैरव मंदिर परिसर में देर शाम से ही तिलक सामग्री से सजी थाल और परातें सजने लगी थीं। भव्य आरती के बाद श्रद्धालुओं ने पारंपरिक तरीके से तिलक की सामग्री अपने सिर पर रखकर वाहनों तक पहुंचाई। बारिश के कारण शोभायात्रा कुछ देर से शुरू हुई, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था पर मौसम का कोई असर नहीं पड़ा। डीजे और बैंड की धुन पर भक्त जमकर झूमते रहे।
तिलक सामग्री में पांच प्रकार के फल, विभिन्न प्रकार के नैवेद्य, वस्त्र-आभूषण, पुष्पहार, दही, खोवे की मछली, कारन, बनारसी पान और तांबूल सहित कई पारंपरिक सामग्रियां शामिल थीं। शोभायात्रा में 101 थाल तिलक सामग्री के साथ धर्मध्वजा, बैंड-बाजा, डमरू दल और डीजे आकर्षण का केंद्र रहे।
इन रास्तों से होकर गुजरी शोभायात्रा
लाट भैरव मंदिर से निकली शोभायात्रा जलालीपुरा, तेलियाना, हनुमान फाटक, बलुआबीर, अंबियामंडी, कतुआपुरा, जतनबर और भैरवनाथ चौराहा होते हुए विश्वेश्वरगंज सब्जी मंडी पहुंची। यहां उपाध्यक्ष बसंत सिंह राठौर ने तिलक लेकर पहुंचे श्रद्धालुओं का आलिंगन कर आत्मीय स्वागत किया।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच चढ़ाया गया तिलक
विश्वेश्वरगंज स्थित माता शीतला मंदिर परिसर में विराजमान लाट भैरव के भव्य रजत मुखौटे की आभा देखते ही बन रही थी। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधान के बीच आचार्य रविंद्र त्रिपाठी के आचार्यत्व में समिति के अध्यक्ष रोहित जायसवाल ने बाबा लाट भैरव को तिलक अर्पित किया।
इस दौरान भैरवाष्टक और भैरव स्तुति का पाठ किया गया। तिलकोत्सव संपन्न होते ही श्रद्धालुओं ने बाबा लाट भैरव के जयकारे लगाए। पूरा परिसर 'जय लाट भैरव' के उद्घोष से गूंज उठा। भक्तों ने बाबा के दर्शन कर सुख-समृद्धि और परिवार की मंगलकामना की।
