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अधिमास 2026: ज्येष्ठ में लग रहा अधिकमास, इस साल 8 बड़े मंगल- जानें तिथियां और महत्व

अधिकमास 2026 के कारण ज्येष्ठ मास दो महीने का होगा और इस बार 8 बड़े मंगल पड़ेंगे। वाराणसी के हनुमान मंदिरों में विशेष पूजा, भंडारा और भक्तों की भीड़ देखने को मिलेगी। जानें अधिकमास का महत्व, तिथियां और धार्मिक प्रभाव।

 
अधिकमास 2026
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अधिकमास 2026 : हिंदू नववर्ष 2026 इस बार विशेष संयोग लेकर आया है, क्योंकि इस वर्ष ज्येष्ठ मास में अधिकमास (अधिमास) लग रहा है। इसके चलते पूरा वर्ष 13 महीनों का होगा और ज्येष्ठ मास दो महीने तक चलेगा। इसी कारण इस बार ज्येष्ठ में 8 बड़े मंगल पड़ेंगे, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखते हैं।

अधिमास, जिसे पुरुषोत्तम मास या मलमास भी कहा जाता है, लगभग हर तीन साल में एक बार आता है। इस अवधि में पूजा-पाठ, दान-पुण्य और धार्मिक कार्यों का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। मान्यता है कि इस मास में किए गए पुण्य कर्मों का फल 10 गुना तक मिलता है।

ज्येष्ठ मास में पड़ने वाले बड़े मंगल का विशेष महत्व होता है, खासकर भगवान हनुमान की आराधना के लिए। संकटमोचन हनुमान मंदिर सहित शहर के प्रमुख हनुमान मंदिरों में इस दौरान भक्तों की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। जगह-जगह भंडारे और विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन भी किया जाएगा।

मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभरनाथ मिश्र ने बताया कि बड़ा मंगल का विशेष महत्व पश्चिमी उत्तर प्रदेश और लखनऊ क्षेत्र में लंबे समय से रहा है, लेकिन अब काशी में भी इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है।

वहीं, श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के अध्यक्ष प्रो. नागेंद्र पांडेय के अनुसार, हिंदू त्योहार चंद्रमा की गति और स्थिति पर आधारित होते हैं। अधिमास के कारण मांगलिक कार्यों में भी बदलाव होगा—शुद्ध ज्येष्ठ मास में ही शुभ कार्य किए जाएंगे, जबकि अधिमास में इन्हें टाला जाता है।

धार्मिक कैलेंडर के अनुसार, 1 मई को बैसाख पूर्णिमा है, जबकि 2 मई से ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की शुरुआत होगी। 17 मई से शुक्ल पक्ष शुरू होकर 15 जून तक अधिमास रहेगा। इसके बाद शुद्ध ज्येष्ठ मास का शुक्ल पक्ष शुरू होगा, जो 29 जून की ज्येष्ठ पूर्णिमा तक चलेगा।

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, ज्येष्ठ मास में अधिकमास का यह संयोग 11 साल बाद फिर 2037 में आएगा। इससे पहले 1988, 1999, 2007 और 2017 में भी ऐसा संयोग बन चुका है।

बड़े मंगल की तिथियां इस प्रकार हैं-
5 मई (पहला), 12 मई (दूसरा), 19 मई (तीसरा), 26 मई (चौथा),
2 जून (पांचवां), 9 जून (छठवां), 16 जून (सातवां) और 23 जून (आठवां बड़ा मंगल)