शिष्य की मौत के बाद बदली प्रेमानंद महाराज के आश्रम की व्यवस्था, दीक्षा-दर्शन पर रोक, ड्रेस कोड भी बदला
वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के केली कुंज आश्रम की व्यवस्थाओं में बड़ा बदलाव किया गया है। उनके दीक्षित शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के कुछ दिनों बाद आश्रम में दीक्षा उपस्थिति पर रोक लगाए जाने की जानकारी सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आश्रम की ओर से यह व्यवस्था अनिश्चितकाल के लिए लागू की गई है।
आश्रम के बाहर दी गई नई व्यवस्था की जानकारी
आश्रम के बाहर सामने आए वीडियो में एक सेवादार श्रद्धालुओं को नई व्यवस्था की जानकारी देते नजर आ रहे हैं। बताया गया कि प्रेमानंद महाराज की दीक्षा उपस्थिति फिलहाल बंद रहेगी। हालांकि, इसे दोबारा कब शुरू किया जाएगा, इसकी कोई निश्चित तारीख सामने नहीं आई है।
रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया है कि टोकन के जरिए होने वाले दर्शन और कुछ अन्य दर्शन व्यवस्थाओं में भी बदलाव किया गया है। ऐसे में आश्रम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को नई व्यवस्था के अनुसार ही दर्शन और अन्य गतिविधियों में शामिल होना होगा।
क्या है दीक्षा उपस्थिति?
आश्रम की आध्यात्मिक व्यवस्था में दीक्षा उपस्थिति का संबंध दीक्षा लेने और आध्यात्मिक मार्गदर्शन की प्रक्रिया से है। पहले फाइनल दीक्षा लेने के इच्छुक श्रद्धालुओं को निर्धारित प्रक्रिया के तहत वृंदावन स्थित राधा केली कुंज आश्रम पहुंचना होता था।
दीक्षा की प्रक्रिया के दौरान परिवार के किसी सदस्य को साथ लाने से संबंधित नियम भी बताए जाते थे। इसके बाद संत प्रेमानंद महाराज की ओर से दीक्षा की प्रक्रिया पूरी कराई जाती थी।
रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद बदलाव
आश्रम की व्यवस्था में यह बदलाव रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत के मामले की जांच के बीच सामने आया है। दीपक मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले थे और करीब दो साल पहले वृंदावन आए थे। उन्होंने प्रेमानंद महाराज से दीक्षा लेने के बाद अपना नाम रसिक दुलारी शरण रखा था।
25 सितंबर को गुरु कृपा कुंज की चौथी मंजिल से गिरने के बाद उनकी मौत हो गई थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम में शरीर पर गंभीर चोटों और अत्यधिक रक्तस्राव की बात सामने आई है। पुलिस ने मामले से जुड़े साक्ष्यों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है और सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।
मौत की परिस्थितियों को लेकर अभी जांच जारी है और पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वजह को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।
ड्रेस कोड में भी बदलाव
दीक्षा और दर्शन व्यवस्था के अलावा आश्रम से जुड़े शिष्यों की वेशभूषा के नियमों में भी बदलाव की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, गृहस्थ या व्यवसाय से जुड़े शिष्यों के लिए सामान्य कपड़े या कुर्ता-पायजामा पहनने की व्यवस्था बताई गई है, जबकि सफेद वस्त्र से जुड़े नियम भी अब पहले से अलग किए गए हैं।
फिलहाल श्रद्धालुओं को आश्रम की ओर से जारी होने वाली अगली आधिकारिक सूचना का इंतजार करना होगा। दीक्षा और दर्शन की पुरानी व्यवस्था कब बहाल होगी, इसे लेकर अभी कोई निश्चित समयसीमा सामने नहीं आई है।
