Akshaya Tritiya : इन 7 चीजों का दान भी देगा सोना खरीदने जितना पुण्य फल, होगी सुख-समृद्धि की प्राप्ति
Updated: Apr 18, 2026, 12:48 IST
WhatsApp Channel
Join Now
Facebook Profile
Join Now
Instagram Profile
Join Now
हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया का विशेष महत्व माना जाता है। साल 2026 में यह पावन पर्व 19 अप्रैल को मनाया जाएगा। इस दिन को बेहद शुभ माना जाता है और मान्यता है कि इस दिन किया गया दान, जप और पूजा कभी खत्म नहीं होता, यानी “अक्षय” फल देता है।
अक्सर इस दिन सोना खरीदने की परंपरा रही है, लेकिन हर कोई सोना नहीं खरीद पाता। ऐसे में शास्त्रों और ज्योतिष के अनुसार कुछ खास चीजों का दान करके भी आप उतना ही पुण्य कमा सकते हैं।
अन्न दान: सबसे बड़ा महादान
ज्योतिषाचार्य अनिष व्यास के अनुसार, इस दिन सत्तू, जौ और गेहूं का दान करना बेहद शुभ होता है।
अन्न दान को शास्त्रों में महादान कहा गया है
जौ का दान स्वर्ण दान के बराबर माना जाता है
इससे घर में धन-समृद्धि के रास्ते खुलते हैं
इन वस्तुओं का दान भी देगा शुभ फल
अक्षय तृतीया पर जरूरतमंदों को रोजमर्रा की चीजें दान करना भी बहुत फलदायी माना गया है, जैसे:
कपड़े
छाता
चप्पल
पानी से भरा घड़ा
खरबूजा और अन्य फल
मान्यता है कि इससे देवी-देवताओं के साथ-साथ पितरों का भी आशीर्वाद मिलता है।
नाम जप और भक्ति भी है सबसे बड़ा दान
संत प्रेमानंद महाराज के अनुसार, इस दिन भगवान का नाम जप, कीर्तन और भक्ति करना सबसे श्रेष्ठ दान है।
यह व्यक्ति के जीवन को सकारात्मक दिशा देता है और मानसिक शांति प्रदान करता है।
मंदिर से जुड़ा दान क्यों है खास?
अक्षय तृतीया के दिन मंदिर निर्माण या मंदिर में उपयोग होने वाली वस्तुओं का दान करना भी अत्यंत पुण्यकारी माना गया है।
धर्म कार्यों में किया गया दान जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और बदलाव लाता है।
गरुड़ पुराण में बताए गए दान के फल
गरुड़ पुराण के अनुसार—
जल दान → तृप्ति देता है
अन्न दान → अक्षय सुख देता है
तिल दान → संतान सुख देता है
भूमि दान → मनोकामना पूरी करता है
स्वर्ण दान → लंबी आयु देता है
अक्सर इस दिन सोना खरीदने की परंपरा रही है, लेकिन हर कोई सोना नहीं खरीद पाता। ऐसे में शास्त्रों और ज्योतिष के अनुसार कुछ खास चीजों का दान करके भी आप उतना ही पुण्य कमा सकते हैं।
अन्न दान: सबसे बड़ा महादान
ज्योतिषाचार्य अनिष व्यास के अनुसार, इस दिन सत्तू, जौ और गेहूं का दान करना बेहद शुभ होता है।
अन्न दान को शास्त्रों में महादान कहा गया है
जौ का दान स्वर्ण दान के बराबर माना जाता है
इससे घर में धन-समृद्धि के रास्ते खुलते हैं
इन वस्तुओं का दान भी देगा शुभ फल
अक्षय तृतीया पर जरूरतमंदों को रोजमर्रा की चीजें दान करना भी बहुत फलदायी माना गया है, जैसे:
कपड़े
छाता
चप्पल
पानी से भरा घड़ा
खरबूजा और अन्य फल
मान्यता है कि इससे देवी-देवताओं के साथ-साथ पितरों का भी आशीर्वाद मिलता है।
नाम जप और भक्ति भी है सबसे बड़ा दान
संत प्रेमानंद महाराज के अनुसार, इस दिन भगवान का नाम जप, कीर्तन और भक्ति करना सबसे श्रेष्ठ दान है।
यह व्यक्ति के जीवन को सकारात्मक दिशा देता है और मानसिक शांति प्रदान करता है।
मंदिर से जुड़ा दान क्यों है खास?
अक्षय तृतीया के दिन मंदिर निर्माण या मंदिर में उपयोग होने वाली वस्तुओं का दान करना भी अत्यंत पुण्यकारी माना गया है।
धर्म कार्यों में किया गया दान जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और बदलाव लाता है।
गरुड़ पुराण में बताए गए दान के फल
गरुड़ पुराण के अनुसार—
जल दान → तृप्ति देता है
अन्न दान → अक्षय सुख देता है
तिल दान → संतान सुख देता है
भूमि दान → मनोकामना पूरी करता है
स्वर्ण दान → लंबी आयु देता है
