Akshaya Tritiya : 10 साल बाद बन रहे ये नौ विशेष योग, जानें सोना खरीदने का शुभ मुहुर्त
Updated: Apr 11, 2026, 22:11 IST
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इस साल अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) 20 अप्रैल को मनाई जाएगी और खास बात यह है कि करीब 10 साल बाद एक बार फिर बेहद दुर्लभ और शुभ योग बन रहे हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस दिन सूर्य मेष राशि में और चंद्रमा कर्क राशि में उच्च अवस्था में रहेंगे, जिससे इस तिथि का प्रभाव कई गुना बढ़ जाएगा।
मान्यता है कि इस दिन किए गए दान, पूजा, जप और शुभ कार्यों का फल कभी नष्ट नहीं होता, बल्कि “अक्षय” यानी हमेशा बना रहता है। यही कारण है कि इसे साल के सबसे शुभ दिनों में गिना जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार अक्षय तृतीया पर सौभाग्य, आयुष्मान, स्थिर योग के साथ-साथ त्रिपुष्कर योग, राजयोग, मालव्य योग और नव योग जैसे कई शुभ संयोग बन रहे हैं। साथ ही रोहिणी नक्षत्र और गजकेसरी योग भी इस दिन की शुभता को और बढ़ा रहे हैं।
ज्योतिषविदों का कहना है कि अक्षय तृतीया तिथि 19 अप्रैल को दोपहर 1:01 बजे से शुरू होकर 20 अप्रैल को सुबह 10:39 बजे तक रहेगी, लेकिन उदय तिथि के आधार पर 20 अप्रैल को ही पर्व मनाया जाएगा।
पूजा और महत्व
इस दिन भगवान Vishnu और माता Lakshmi की विशेष पूजा का विधान है। इसे स्वयंसिद्ध मुहूर्त माना जाता है, यानी इस दिन किसी भी शुभ कार्य के लिए अलग से मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती।
सोना खरीदने का शुभ समय
अक्षय तृतीया पर सोना-चांदी खरीदना बेहद शुभ माना जाता है। इस बार खरीदारी के लिए 19 घंटे से ज्यादा का शुभ समय मिलेगा।
खरीदारी की शुरुआत: 19 अप्रैल सुबह 10:49 बजे से
खरीदारी का अंतिम समय: 20 अप्रैल सुबह 7:49 बजे तक
इसके अलावा 20 अप्रैल को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:55 बजे से दोपहर 12:46 बजे तक रहेगा, जो विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
शुभ चौघड़िया मुहूर्त
दिन और रात में कई शुभ चौघड़िया मुहूर्त भी बन रहे हैं, जिनमें “लाभ”, “अमृत” और “शुभ” समय में कोई भी कार्य करना अत्यंत फलदायी माना गया है।
मान्यता है कि इस दिन किए गए दान, पूजा, जप और शुभ कार्यों का फल कभी नष्ट नहीं होता, बल्कि “अक्षय” यानी हमेशा बना रहता है। यही कारण है कि इसे साल के सबसे शुभ दिनों में गिना जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार अक्षय तृतीया पर सौभाग्य, आयुष्मान, स्थिर योग के साथ-साथ त्रिपुष्कर योग, राजयोग, मालव्य योग और नव योग जैसे कई शुभ संयोग बन रहे हैं। साथ ही रोहिणी नक्षत्र और गजकेसरी योग भी इस दिन की शुभता को और बढ़ा रहे हैं।
ज्योतिषविदों का कहना है कि अक्षय तृतीया तिथि 19 अप्रैल को दोपहर 1:01 बजे से शुरू होकर 20 अप्रैल को सुबह 10:39 बजे तक रहेगी, लेकिन उदय तिथि के आधार पर 20 अप्रैल को ही पर्व मनाया जाएगा।
पूजा और महत्व
इस दिन भगवान Vishnu और माता Lakshmi की विशेष पूजा का विधान है। इसे स्वयंसिद्ध मुहूर्त माना जाता है, यानी इस दिन किसी भी शुभ कार्य के लिए अलग से मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती।
सोना खरीदने का शुभ समय
अक्षय तृतीया पर सोना-चांदी खरीदना बेहद शुभ माना जाता है। इस बार खरीदारी के लिए 19 घंटे से ज्यादा का शुभ समय मिलेगा।
खरीदारी की शुरुआत: 19 अप्रैल सुबह 10:49 बजे से
खरीदारी का अंतिम समय: 20 अप्रैल सुबह 7:49 बजे तक
इसके अलावा 20 अप्रैल को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:55 बजे से दोपहर 12:46 बजे तक रहेगा, जो विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
शुभ चौघड़िया मुहूर्त
दिन और रात में कई शुभ चौघड़िया मुहूर्त भी बन रहे हैं, जिनमें “लाभ”, “अमृत” और “शुभ” समय में कोई भी कार्य करना अत्यंत फलदायी माना गया है।
