Chaitra Navratri : इस नवरात्रि माता का किस वाहन पर होगा आगमन और प्रस्थान, जानें भक्तों को देंगी क्या संकेत
Updated: Mar 18, 2026, 10:14 IST
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Chaitra Navratri : इस नवरात्रि माता का किस वाहन पर होगा आगमन और प्रस्थान, जानें भक्तों को देगी क्या संकेत शक्ति की उपासना का महापर्व चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) इस साल 19 मार्च 2026 से शुरू होकर 27 मार्च तक मनाया जाएगा। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं और व्रत रखकर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा का आगमन और प्रस्थान किसी वाहन पर होता, जिसका विशेष महत्व होता है। यह आने वाले समय के शुभ और अशुभ संकेतों की ओर इशारा करती है, तो आिए जानते है कि इस चैत्र नवरात्रि मां किस वाहन और सवार होकर आेंगी और किसपर प्रस्थान करेंगी।
इस बार इस सवारी पर होगा मां दुर्गा का आगमन
पंचांग के अनुसार इस वर्ष नवरात्रि की शुरुआत गुरुवार, 19 मार्च से हो रही है। मान्यता है कि जब नवरात्रि गुरुवार या शुक्रवार से शुरू होती है, तो मां दुर्गा का आगमन पालकी (डोली) पर होता है।
क्या कहते हैं शास्त्र?
धार्मिक ग्रंथ Shrimad Devi Bhagavat Purana में एक श्लोक के माध्यम से मां के वाहन के आधार पर भविष्य के संकेत बताए गए हैं—
हाथी पर आगमन: अधिक वर्षा और समृद्धि का संकेत
घोड़े पर आगमन: संघर्ष, सत्ता परिवर्तन या अशांति की संभावना
नाव पर आगमन: सुख-समृद्धि और सफलता का प्रतीक
पालकी पर आगमन: रोग, अशांति या चुनौतियों का संकेत
पालकी पर आगमन क्या देता है संकेत?
मान्यताओं के अनुसार पालकी पर मां दुर्गा का आगमन बहुत शुभ नहीं माना जाता। यह समाज और देश में कुछ अस्थिरता या चुनौतियों की ओर संकेत करता है। हालांकि, इसका यह अर्थ नहीं है कि सब कुछ नकारात्मक होगा।
धार्मिक दृष्टि से इस दौरान पूजा-पाठ, जप-तप और दान-पुण्य करने से सभी प्रकार की बाधाओं से मुक्ति मिल सकती है।
विदाई का वाहन रहेगा शुभ
जितना महत्व मां के आगमन का होता है, उतना ही उनके प्रस्थान (विदाई) का भी होता है। इस वर्ष नवरात्रि का समापन शुक्रवार, 27 मार्च को होगा। मान्यता के अनुसार इस दिन मां दुर्गा की विदाई हाथी पर होगी, जिसे बेहद शुभ माना जाता है। हाथी पर प्रस्थान अच्छी वर्षा, खुशहाली और समृद्धि का संकेत देता है।
इस प्रकार जहां एक ओर मां दुर्गा का पालकी पर आगमन कुछ चुनौतियों की ओर इशारा करता है, वहीं उनकी हाथी पर विदाई भविष्य में सुख-समृद्धि की उम्मीद भी जगाती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा का आगमन और प्रस्थान किसी वाहन पर होता, जिसका विशेष महत्व होता है। यह आने वाले समय के शुभ और अशुभ संकेतों की ओर इशारा करती है, तो आिए जानते है कि इस चैत्र नवरात्रि मां किस वाहन और सवार होकर आेंगी और किसपर प्रस्थान करेंगी।
इस बार इस सवारी पर होगा मां दुर्गा का आगमन
पंचांग के अनुसार इस वर्ष नवरात्रि की शुरुआत गुरुवार, 19 मार्च से हो रही है। मान्यता है कि जब नवरात्रि गुरुवार या शुक्रवार से शुरू होती है, तो मां दुर्गा का आगमन पालकी (डोली) पर होता है।
क्या कहते हैं शास्त्र?
धार्मिक ग्रंथ Shrimad Devi Bhagavat Purana में एक श्लोक के माध्यम से मां के वाहन के आधार पर भविष्य के संकेत बताए गए हैं—
हाथी पर आगमन: अधिक वर्षा और समृद्धि का संकेत
घोड़े पर आगमन: संघर्ष, सत्ता परिवर्तन या अशांति की संभावना
नाव पर आगमन: सुख-समृद्धि और सफलता का प्रतीक
पालकी पर आगमन: रोग, अशांति या चुनौतियों का संकेत
पालकी पर आगमन क्या देता है संकेत?
मान्यताओं के अनुसार पालकी पर मां दुर्गा का आगमन बहुत शुभ नहीं माना जाता। यह समाज और देश में कुछ अस्थिरता या चुनौतियों की ओर संकेत करता है। हालांकि, इसका यह अर्थ नहीं है कि सब कुछ नकारात्मक होगा।
धार्मिक दृष्टि से इस दौरान पूजा-पाठ, जप-तप और दान-पुण्य करने से सभी प्रकार की बाधाओं से मुक्ति मिल सकती है।
विदाई का वाहन रहेगा शुभ
जितना महत्व मां के आगमन का होता है, उतना ही उनके प्रस्थान (विदाई) का भी होता है। इस वर्ष नवरात्रि का समापन शुक्रवार, 27 मार्च को होगा। मान्यता के अनुसार इस दिन मां दुर्गा की विदाई हाथी पर होगी, जिसे बेहद शुभ माना जाता है। हाथी पर प्रस्थान अच्छी वर्षा, खुशहाली और समृद्धि का संकेत देता है।
इस प्रकार जहां एक ओर मां दुर्गा का पालकी पर आगमन कुछ चुनौतियों की ओर इशारा करता है, वहीं उनकी हाथी पर विदाई भविष्य में सुख-समृद्धि की उम्मीद भी जगाती है।
