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नरक चतुर्दशी पर कितने बजे जलाएं यम दीपक? जानिए सही समय और जरूरी नियम

छोटी दिवाली यानी नरक चतुर्दशी पर यमराज के नाम का दीपक जलाने का विशेष धार्मिक महत्व है। जानिए 2026 में यम दीपक जलाने का शुभ समय, इसे किस दिशा में रखना चाहिए, नाली के पास दीपक जलाने की परंपरा क्या है और दीपदान की सही विधि के साथ कौन सा मंत्र पढ़ें।
 
नरक चतुर्दशी
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Choti Diwali 2026 Yam Deepak Shubh Muhurat: धनतेरस पर यमराज के नाम का दीपदान नहीं कर पाए हैं, तो छोटी दिवाली यानी नरक चतुर्दशी पर भी यह परंपरा निभाई जा सकती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन शाम के समय यमराज के निमित्त दीपक जलाने का विशेष महत्व है। इसके साथ ही घर की नाली के पास दीपक जलाने और नरकासुर के नाम पर दीपदान करने की भी परंपरा है। आइए जानते हैं कि छोटी दिवाली पर यम दीपक किस समय जलाना चाहिए, इसे किस दिशा में रखना शुभ माना जाता है और दीपदान की विधि क्या है।

छोटी दिवाली पर यम दीपक जलाने का शुभ समय

छोटी दिवाली या नरक चतुर्दशी पर यमराज के नाम का दीपक जलाने का शुभ समय शाम 5 बजकर 32 मिनट से रात 8 बजकर 9 मिनट तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी अवधि में यम दीपक जलाकर दीपदान किया जा सकता है।

छोटी दिवाली पर नाली के पास क्यों जलाते हैं दीपक?

छोटी दिवाली पर घर की नाली के पास दीपक जलाने की भी परंपरा है। आचार्य इंदु प्रकाश के अनुसार, नरक चतुर्दशी के दिन प्रत्येक व्यक्ति को अपने घर की नाली के पास कम से कम एक दीपक जरूर जलाना चाहिए।

इस परंपरा के पीछे घर और आसपास की नालियों को साफ-सुथरा रखने का संदेश जुड़ा है। मान्यता के अनुसार, नालियों में पानी की निकासी कभी नहीं रुकनी चाहिए। घर की नालियों की स्थिति का संबंध उसकी आर्थिक स्थिति से भी जोड़ा जाता है।

यमराज का दीपक किस दिशा में जलाना चाहिए?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यमराज का संबंध दक्षिण दिशा से माना जाता है। इसलिए यम दीपक दक्षिण दिशा की ओर जलाना चाहिए। इस दीपक को घर के मुख्य द्वार के बाहर रखने की परंपरा है।

यम दीपक जलाने की विधि

छोटी दिवाली पर यमराज के नाम से चौमुखा दीपक जलाया जाता है। इसके लिए दीपक में सरसों या तिल का तेल डालें और चारों दिशाओं में चार बत्तियां लगाएं। दीपक के नीचे थोड़े से अक्षत यानी साबुत चावल रखें।

इसके बाद दीपक को घर के मुख्य द्वार के बाहर दक्षिण दिशा की ओर जलाएं। दीपक जलाने के बाद हाथ जोड़कर यमराज का ध्यान करें और परिवार के सभी सदस्यों की लंबी आयु तथा अकाल मृत्यु से रक्षा की प्रार्थना करें।

यम दीपक जलाते समय पढ़ें यह मंत्र

यमराज के नाम का दीपक जलाते समय इस मंत्र का जाप करने की धार्मिक मान्यता है:

मृत्युना पाशदण्डाभ्यां कालेन च मया सह।
त्रयोदश्यां दीपदानात् सूर्यजः प्रीयतां मम॥

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इनका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।