Movie prime

बकरीद 2026: भारत में कब मनाई जाएगी ईद-उल-अजहा? जानिए तारीख, धार्मिक महत्व और कुर्बानी की परंपरा
 

 
 बकरीद 2026: भारत में कब मनाई जाएगी ईद-उल-अजहा? जानिए तारीख, धार्मिक महत्व और कुर्बानी की परंपरा
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

ईद-उल-अजहा, जिसे बकरीद के नाम से जाना जाता है, इस्लाम धर्म का एक प्रमुख और पवित्र त्योहार है। यह पर्व हर वर्ष इस्लामी कैलेंडर के अंतिम महीने जुल हिज्जा में मनाया जाता है। दुनियाभर के मुस्लिम समुदाय के लिए यह त्योहार आस्था, त्याग और भाईचारे का प्रतीक माना जाता है। बकरीद की तारीख हर साल चांद दिखने पर निर्भर करती है, इसलिए इसकी तारीख में बदलाव की संभावना बनी रहती है।

इस वर्ष भी बकरीद की तारीख को लेकर लोगों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। पहले अनुमान लगाया जा रहा था कि ईद-उल-अजहा 27 मई 2026 को मनाई जाएगी, लेकिन धुल हिज्जा का चांद निर्धारित समय पर दिखाई नहीं देने के कारण अब अधिकांश हिस्सों में यह त्योहार 28 मई 2026 को मनाया जाएगा।

भारत में कब मनाई जाएगी बकरीद?

भारत के ज्यादातर राज्यों में ईद-उल-अजहा यानी बकरीद 28 मई 2026 को मनाई जाएगी। चांद दिखने से जुड़ी आधिकारिक घोषणा के बाद केंद्र सरकार ने भी दिल्ली समेत कई प्रशासनिक क्षेत्रों में ईद की छुट्टी की तारीख में बदलाव करते हुए 28 मई घोषित कर दी है। इसके साथ ही कई राज्य सरकारों ने भी अपने अवकाश कैलेंडर में संशोधन किया है।

हालांकि, कुछ क्षेत्रों विशेषकर जम्मू-कश्मीर में स्थानीय परंपराओं और चांद देखने की स्थिति के आधार पर बकरीद 27 मई को भी मनाई जा सकती है।

कैसे मनाई जाती है बकरीद?

ईद-उल-अजहा का पर्व पूरे श्रद्धा और परंपरा के साथ मनाया जाता है। इस दिन सुबह मस्जिदों और ईदगाहों में विशेष नमाज अदा की जाती है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। नमाज के बाद इस्लामी परंपरा के अनुसार ‘कुर्बानी’ दी जाती है, जो इस पर्व का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

कुर्बानी के बाद मांस को तीन हिस्सों में बांटने की परंपरा है। पहला हिस्सा परिवार के लिए, दूसरा रिश्तेदारों और मित्रों के लिए तथा तीसरा गरीब और जरूरतमंद लोगों में वितरित किया जाता है। इसका उद्देश्य समाज में समानता, सहयोग और भाईचारे का संदेश देना होता है।

इस मौके पर लोग एक-दूसरे से मुलाकात करते हैं, दावतों का आयोजन करते हैं और ईद की मुबारकबाद देकर खुशियां साझा करते हैं। बकरीद केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि त्याग, सेवा और इंसानियत का संदेश देने वाला त्योहार भी है I