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नवरात्रि में खास दिन: साल में एक बार होने वाला श्रृंगार गौरी दर्शन आज, सुरक्षा और नियम बेहद सख्त

वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर में चैत्र नवरात्र के चौथे दिन मां श्रृंगार गौरी का वार्षिक दर्शन-पूजन आयोजित होगा। 1200 श्रद्धालु शामिल होंगे। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और मोबाइल- कैमरा प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन ने दर्शन मार्ग, समय और व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत योजना बनाई है।

 
श्रृंगार गौरी दर्शन आज
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वाराणसी: चैत्र नवरात्र के चौथे दिन रविवार को ज्ञानवापी परिसर की पश्चिमी दीवार स्थित मां श्रृंगार गौरी के वार्षिक दर्शन-पूजन होगा। इस अवसर पर करीब 1200 श्रद्धालु सामूहिक रूप से दर्शन करेंगे, जिसके लिए विशेष व्यवस्थाएं और सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं।

श्रद्धालुओं का समूह सुबह 8:30 बजे चित्रा सिनेमा और बांस फाटक स्थित सत्य नारायण मंदिर से ज्ञानवापी परिसर के लिए प्रस्थान कर चुका है। सभी भक्तों को निर्धारित समय पर सत्य नारायण मंदिर पहुंचना अनिवार्य किया गया है, जहां से उन्हें संगठित रूप से आगे ले जाया जाएगा।

दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं को मंदिर प्रशासन की ओर से पूजा सामग्री, जैसे चुनरी, नारियल, डमरू, घंटी और शंख उपलब्ध कराए जाएंगे। वहीं सुरक्षा कारणों से मोबाइल फोन और कैमरा पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

यह निर्णय शनिवार को श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास, स्थानीय पुलिस प्रशासन और श्रद्धालु प्रतिनिधियों के बीच हुई समन्वय बैठक में लिया गया। बैठक में दर्शन मार्ग, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

गौरतलब है कि बाबरी ढांचा ध्वंस के बाद से मां श्रृंगार गौरी के दर्शन वर्ष में केवल एक दिन ही कराए जाते हैं, जिससे इस आयोजन का धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सुबह 9 बजे श्रद्धालुओं को गेट संख्या-4 से प्रवेश दिया जाएगा और 9:30 बजे तक सामूहिक पूजन संपन्न कराया जाएगा। इसके बाद श्रद्धालु काशी विश्वनाथ मंदिर के मूल स्थल व्यास जी के स्थान पर दर्शन करेंगे।


इसके साथ ही ढूंढीराज गणेश, मां अन्नपूर्णा और दक्षिणामुखी हनुमान जी की पूजा-अर्चना कर हनुमान चालीसा का पाठ किया जाएगा। अंत में बांस फाटक क्षेत्र में प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन होगा।

मंदिर प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं के लिए फलाहार और प्रसाद की विशेष व्यवस्था भी की गई है, ताकि दर्शन सुचारू और व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके।