Movie prime

जन्माष्टमी : काशी से मथुरा पहुंचेगा बाबा विश्वनाथ का खास उपहार, लड्डू गोपाल के लिए भेजी गई भेंट सामग्री

 
..
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

वाराणसी। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर काशी और मथुरा के बीच श्रद्धा और आध्यात्मिक जुड़ाव की अनोखी परंपरा एक बार फिर देखने को मिली। श्री काशी विश्वनाथ धाम से भगवान श्री लड्डू गोपाल के लिए विशेष भेंट सामग्री तैयार कर विधि-विधान से पूजन के बाद श्रीकृष्ण जन्मस्थान, मथुरा के लिए रवाना की गई।

..

यह परंपरा वर्ष 2024 में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर शुरू हुई थी। इसके तहत काशी विश्वनाथ धाम की ओर से मथुरा में विराजमान लड्डू गोपाल के लिए उपहार भेजा जाता है। रंगभरी एकादशी के अवसर पर भी काशी और मथुरा के बीच भेंट एवं शुभकामना संदेशों के आदान-प्रदान की यह परंपरा आगे बढ़ाई गई।

बाबा विश्वनाथ के सामने हुआ पूजन

4 सितंबर को होने वाली जन्माष्टमी से पहले बुधवार, 2 सितंबर को लड्डू गोपाल के लिए तैयार की गई भेंट सामग्री को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में भगवान श्री विश्वेश्वर महादेव के समक्ष विधि-विधान से पूजित किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के बाद सामग्री को बाबा विश्वनाथ को समर्पित कर आशीर्वाद लिया गया। इसके बाद इसे श्रद्धापूर्वक मथुरा के लिए रवाना किया गया।

..

इस दौरान श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम को पारंपरिक गरिमा और श्रद्धाभाव के साथ संपन्न कराया गया।

15 देशों से आए 100 से ज्यादा मंदिरों के संदेश

इस वर्ष इस पहल को और व्यापक रूप दिया गया है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने अपने संस्थागत नॉलेज पार्टनर टेम्पल कनेक्ट के सहयोग से देश-विदेश के मंदिरों से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के शुभकामना संदेश भी एकत्र किए हैं।

मंदिर न्यास के मुताबिक, अब तक करीब 15 देशों के 100 से अधिक देवालयों से शुभकामना संदेश प्राप्त हो चुके हैं। इन संदेशों को भी भेंट सामग्री के साथ श्रीकृष्ण जन्मस्थान न्यास, मथुरा को भेजा जा रहा है।

मथुरा में शामिल होंगे काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के CEO

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी स्वयं मथुरा में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव में शामिल होंगे। इस दौरान काशी विश्वनाथ धाम और श्रीकृष्ण जन्मस्थान के बीच स्थापित आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।

काशी और मथुरा भारतीय सनातन परंपरा के दो प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र हैं। बाबा विश्वनाथ और भगवान श्रीकृष्ण के बीच भेंट और शुभकामना संदेशों की यह परंपरा धार्मिक आस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक एकता और आपसी श्रद्धा का संदेश भी देती है।

मंदिर न्यास ने देशवासियों और श्रद्धालुओं को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए भगवान श्रीकृष्ण और बाबा विश्वनाथ से विश्व के कल्याण, सुख, शांति और समृद्धि की कामना की है।