प्रेमानंद महाराज के आश्रम को लेकर नया विवाद, विराट कोहली को 5 करोड़ में बुलाने के दावे से मचा हड़कंप
वृंदावन स्थित संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष फलाहारी महाराज ने एक पत्र लिखकर आश्रम से जुड़ी गतिविधियों और वहां मौजूद कुछ लोगों की भूमिका को लेकर सवाल उठाए हैं। पत्र में उन्होंने कई गंभीर आरोप लगाए हैं, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
फलाहारी महाराज ने अपने पत्र में दावा किया है कि क्रिकेटर विराट कोहली को 5 करोड़ रुपये में बुलाया गया था और इसके जरिए संत प्रेमानंद महाराज को प्रचारित करने की कोशिश की गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि विराट कोहली को बुलाने वाली कंपनी राजस्थान की है। हालांकि, इस दावे के समर्थन में फिलहाल कोई स्वतंत्र दस्तावेज या आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
राजस्थान की कंपनी को लेकर भी दावा
पत्र में फलाहारी महाराज ने आरोप लगाया है कि विराट कोहली को बुलाने वाली कंपनी से जुड़े कुछ लोग बाद में साधु के वेश में आश्रम पहुंचे। उनका दावा है कि इनमें से कुछ लोग अब प्रॉपर्टी से जुड़े काम में सक्रिय हैं।
इन्हीं आरोपों के आधार पर उन्होंने आश्रम की गतिविधियों और वहां मौजूद लोगों की भूमिका की जांच कराने की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों को भी फिलहाल दावे के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
प्रेमानंद महाराज के लिए जताई चिंता
फलाहारी महाराज ने अपने पत्र में संत प्रेमानंद महाराज को सनातन और हिंदू धर्म के लिए महत्वपूर्ण संत बताया है। उन्होंने कहा कि महाराज से जुड़े लोगों में कुछ ऐसे तत्व हो सकते हैं, जिनकी गतिविधियों का असर उनकी छवि पर पड़ रहा है।
उन्होंने प्रेमानंद महाराज से ऐसे लोगों से दूरी बनाने की अपील की है। साथ ही उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए सरकार से सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।
वृंदावन की जमीन को लेकर भी आरोप
पत्र में वृंदावन और न्यू बेलवन आश्रम के आसपास की जमीन को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। फलाहारी महाराज ने दावा किया कि यमुना के डूब क्षेत्र की जमीन की खरीद-बिक्री का काम किया जा रहा है।
उन्होंने इस मामले में अधिकारियों की कथित मिलीभगत का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। साथ ही क्षेत्र में जमीन से जुड़े लोगों की गतिविधियों की जांच कराने की अपील की है।
किडनी चोरी और बच्चों के गायब होने जैसे आरोपों का भी जिक्र
फलाहारी महाराज के पत्र में जमीन से जुड़े आरोपों के अलावा किडनी चोरी और बच्चों के गायब होने जैसे बेहद गंभीर आरोपों का भी उल्लेख किया गया है। उन्होंने पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है।
हालांकि, इन गंभीर आरोपों को लेकर फिलहाल किसी पुलिस जांच, एफआईआर या आधिकारिक कार्रवाई की पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में इन दावों को अभी आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए और इन्हें तथ्य के तौर पर पेश करना उचित नहीं होगा।
प्रेमानंद महाराज के लिए Z+ सुरक्षा की मांग
फलाहारी महाराज ने संत प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा बढ़ाने की भी मांग की है। उन्होंने सरकार से उन्हें Z+ सुरक्षा देने की अपील की। पत्र में दावा किया गया है कि साधु के वेश में कुछ लोग कथित तौर पर गलत गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं, जिससे संत की छवि प्रभावित हो रही है।
उन्होंने प्रेमानंद महाराज से गोवर्धन गिरिराज जी में रहने की अपील भी की है। फिलहाल विराट कोहली को 5 करोड़ रुपये में बुलाने समेत पत्र में लगाए गए अन्य आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में पूरे मामले में आधिकारिक जांच या संबंधित पक्षों के जवाब सामने आने के बाद ही स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
