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19 जून से फिर बजेंगी शहनाइयां! खत्म हो रहा पुरुषोत्तम मास, जानिए शादी के सभी शुभ मुहूर्त

15 जून 2026 को ज्येष्ठ अमावस्या के साथ पुरुषोत्तम मास का समापन होगा। 19 जून से शादी-विवाह सहित मांगलिक कार्यों के शुभ मुहूर्त शुरू होंगे। हालांकि 15 जुलाई को गुरु अस्त होने और 25 जुलाई से चातुर्मास आरंभ होने के कारण फिर मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा।
 
Vivah Muhurat List 2026
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Vivah Muhurat List 2026: अधिमास के कारण इस वर्ष ज्येष्ठ मास दो माह का रहा। अधिक ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की अमावस्या 15 जून को पड़ रही है, जिसके साथ ही पुरुषोत्तम मास का समापन हो जाएगा। इसके बाद 16 जून से शुद्ध ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष का आरंभ होगा और लंबे इंतजार के बाद मांगलिक कार्यों पर लगी रोक भी समाप्त हो जाएगी। हालांकि विवाह और अन्य शुभ कार्यों के लिए लग्न मुहूर्त 19 जून से उपलब्ध होंगे, जो 11 जुलाई तक जारी रहेंगे।

ख्यात ज्योतिषाचार्य पंडित ऋषि द्विवेदी के अनुसार, देवगुरु बृहस्पति 15 जुलाई को आषाढ़ शुक्ल एकादशी के दिन पश्चिम दिशा में अस्त हो जाएंगे। गुरु अस्त होने के साथ ही एक बार फिर विवाह सहित सभी मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा। देवगुरु का पुनः उदय 10 अगस्त को पूर्व दिशा में होगा।

चातुर्मास से पहले गुरु अस्त, कई दशकों बाद बन रहा दुर्लभ संयोग

ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस बार एक विशेष और दुर्लभ संयोग बन रहा है। चातुर्मास शुरू होने से करीब 10 दिन पहले ही देवगुरु बृहस्पति अस्त हो जाएंगे। ऐसे में चातुर्मास की शुरुआत गुरु अस्त काल में होगी, जो कई दशकों बाद देखने को मिल रहा है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चातुर्मास के दौरान विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और अन्य शुभ मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। इसलिए 15 जुलाई के बाद विवाह मुहूर्तों पर पूर्ण विराम लग जाएगा।

25 जुलाई से शुरू होगा चातुर्मास, चार महीने तक नहीं होंगे मांगलिक कार्य

आषाढ़ शुक्ल एकादशी यानी 25 जुलाई 2026 को चातुर्मास का आरंभ होगा। इसी दिन हरिशयनी एकादशी के अवसर पर भगवान विष्णु क्षीरसागर में योगनिद्रा के लिए प्रस्थान करेंगे। इसके बाद चार माह तक मांगलिक कार्य वर्जित माने जाएंगे।

चार महीने बाद 20 नवंबर 2026 को कार्तिक शुक्ल एकादशी यानी हरिप्रबोधिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागेंगे। इसके साथ ही विवाह और अन्य शुभ कार्यों का सिलसिला फिर से शुरू हो सकेगा।

20 नवंबर से फिर शुरू होंगे विवाह मुहूर्त

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार हरिप्रबोधिनी एकादशी के बाद 20 नवंबर से 10 दिसंबर तक विवाह के कई शुभ मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे। ऐसे में वर्ष के अंतिम चरण में शादी-विवाह की तैयारियां एक बार फिर जोर पकड़ेंगी।

वर्ष 2026 में कुल 29 विवाह मुहूर्त

  • जून 2026 के विवाह मुहूर्त
  • 19, 20, 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 28, 29 और 30 जून
  • जुलाई 2026 के विवाह मुहूर्त
  • 1, 6, 7, 8 और 11 जुलाई
  • नवंबर 2026 के विवाह मुहूर्त
  • 20, 21, 24, 25, 26 और 30 नवंबर
  • दिसंबर 2026 के विवाह मुहूर्त
  • 1, 2, 3, 4, 9 और 10 दिसंबर

धार्मिक दृष्टि से वर्ष 2026 में विवाह के लिए कुल 29 शुभ मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे। ऐसे में विवाह की तैयारी कर रहे परिवारों के लिए जून और जुलाई का समय विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।