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Strawberry Moon: क्या है स्ट्रॉबेरी मून? 29 जून को वट पूर्णिमा पर आसमान में दिखाई देगा दुर्लभ नजारा

 
Strawberry Moon
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Strawberry Moon: वट पूर्णिमा और ज्येष्ठ पूर्णिमा का पावन संयोग 29 जून 2026 को बन रहा है। धार्मिक दृष्टि से यह दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। वहीं, खगोल विज्ञान की नजर से भी यह तारीख खास रहने वाली है, क्योंकि इस रात आसमान में 'स्ट्रॉबेरी मून' दिखाई देगा। हर साल जून महीने की पूर्णिमा को इसी नाम से जाना जाता है, लेकिन इसका स्ट्रॉबेरी के रंग से कोई संबंध नहीं है।

क्या होता है स्ट्रॉबेरी मून?

स्ट्रॉबेरी मून जून महीने की पूर्णिमा का पारंपरिक नाम है। इसका नाम उत्तरी अमेरिका की प्राचीन जनजातियों की परंपरा से जुड़ा है। जून के महीने में वहां जंगली स्ट्रॉबेरी की फसल पकती थी, इसलिए उस दौरान पड़ने वाली पूर्णिमा को 'स्ट्रॉबेरी मून' कहा जाने लगा। बाद में यह नाम दुनिया भर में प्रचलित हो गया।

क्या चांद गुलाबी या लाल दिखाई देगा?

स्ट्रॉबेरी मून नाम सुनकर अक्सर लोगों को लगता है कि इस दिन चांद गुलाबी या लाल रंग का दिखाई देगा, लेकिन यह पूरी तरह सही नहीं है। सामान्य रूप से चंद्रमा सफेद या हल्के सुनहरे रंग का ही नजर आता है।

हालांकि, जब चांद क्षितिज के करीब होता है, तब पृथ्वी के वातावरण में मौजूद धूल, नमी और अन्य कणों के कारण उसमें हल्की लालिमा, नारंगी या पीले रंग की आभा दिखाई दे सकती है। यह एक सामान्य प्रकाशीय (ऑप्टिकल) प्रभाव है।

इस बार क्यों रहेगा खास?

खगोलविदों के अनुसार, 29 जून की रात चंद्रमा क्षितिज के काफी करीब दिखाई देगा। इसी वजह से वह सामान्य दिनों की तुलना में अधिक बड़ा और चमकदार महसूस हो सकता है। हालांकि उसका वास्तविक आकार नहीं बदलता। इसे "मून इल्यूजन" कहा जाता है, जिसमें आसपास की इमारतें, पेड़ और अन्य वस्तुएं चांद को हमारी आंखों के सामने अधिक विशाल दिखाती हैं।

कब और कैसे देखें?

अगर मौसम साफ रहा तो 29 जून की शाम सूर्यास्त के बाद पूर्व दिशा में स्ट्रॉबेरी मून का शानदार नजारा देखा जा सकेगा। जैसे-जैसे रात बढ़ेगी, चंद्रमा आसमान में ऊपर उठता जाएगा और पूरी रात अपनी रोशनी बिखेरता रहेगा। खुले मैदान, छत या किसी ऊंचे स्थान से इसका दृश्य और भी आकर्षक दिखाई देगा।

वट पूर्णिमा का धार्मिक महत्व

इसी दिन वट पूर्णिमा का व्रत भी रखा जाएगा। विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना से बरगद (वट) के वृक्ष की पूजा करती हैं। वे वट वृक्ष की परिक्रमा कर रक्षा सूत्र बांधती हैं और विधि-विधान से व्रत का पालन करती हैं।

इस वर्ष वट पूर्णिमा और स्ट्रॉबेरी मून का एक साथ पड़ना धार्मिक आस्था और खगोलीय उत्सुकता, दोनों दृष्टियों से इस दिन को बेहद खास बना रहा है। ऐसे में 29 जून की रात आसमान में दिखाई देने वाला यह पूर्ण चंद्रमा श्रद्धालुओं और खगोल प्रेमियों, दोनों के लिए यादगार अनुभव बन सकता है।