Movie prime

50 मिनट तक रहेगा चंद्रग्रहण, इसके बाद शुरू होगा सूतक; जानें होलिका दहन का सही समय
 

 
 50 मिनट तक रहेगा चंद्रग्रहण, इसके बाद शुरू होगा सूतक; जानें होलिका दहन का सही समय
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

वाराणसी। फाल्गुन पूर्णिमा पर इस बार चंद्रग्रहण के कारण होली के रंगोत्सव की तिथि में बदलाव किया गया है। मंगलवार को पड़ने वाले चंद्रग्रहण की वजह से रंगों का पर्व अब बुधवार, 4 मार्च को मनाया जाएगा।

दोपहर से शुरू, काशी में 50 मिनट रहेगा दृश्य प्रभाव

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह खंड चंद्रग्रहण भारतीय समयानुसार दोपहर 3:20 बजे से प्रारंभ होकर सायं 6:48 बजे तक रहेगा। हालांकि भारत में यह ग्रस्तोदित होगा, यानी चंद्रमा ग्रहण लगे हुए ही उदित होगा।

काशी में चंद्रोदय सायं 5:58 बजे होगा, इसलिए यहां ग्रहण का दृश्य प्रभाव 5:58 बजे से 6:48 बजे तक, कुल 50 मिनट रहेगा। देश के पूर्वोत्तर राज्यों के अलावा बंगाल, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र और राजस्थान में यह आंशिक रूप से दिखाई देगा।

सुबह 8:58 बजे से सूतक काल

काशी हिंदू विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. विनय कुमार पांडेय के अनुसार चंद्रग्रहण का सूतक काल ग्रहण के दृश्यमान होने के नौ घंटे पूर्व लग जाता है। काशी में ग्रहण 5:58 बजे दिखाई देगा, इसलिए सूतक काल प्रातः 8:58 बजे से प्रारंभ माना जाएगा।

सूतक काल में जप, तप, हवन और मंत्र जाप के अतिरिक्त अन्य शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं। श्रीकाशी विद्वत परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री प्रो. रामनारायण द्विवेदी ने बताया कि ग्रहण और मोक्ष काल में स्नान का विशेष महत्व है। इस दौरान सभी जल गंगाजल के समान पवित्र माने जाते हैं।

भद्रा पुच्छ में होगा होलिका दहन

ख्यात ज्योतिषाचार्य पं. ऋषि द्विवेदी के अनुसार फागुन कृष्ण चतुर्दशी तिथि में सोमवार, 2 मार्च को रात्रिपर्यंत भद्रा रहेगी। शास्त्रानुसार भद्रा पुच्छ में ही होलिका दहन किया जाएगा।

होलिका दहन का शुभ मुहूर्त रात 12:50 बजे से 2:02 बजे के बीच रहेगा। फागुन शुक्ल पूर्णिमा तिथि 2 मार्च को सायं 5:18 बजे से प्रारंभ होकर 3 मार्च को शाम 4:33 बजे तक रहेगी। इसके बाद चैत्र कृष्ण प्रतिपदा तिथि लग जाएगी, जो 4 मार्च को शाम 4:15 बजे तक रहेगी।