वाराणसी। सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में रविवार को आयोजित छात्रवृत्ति वितरण समारोह में उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षामंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने संस्कृत को देवभाषा और काशी को भारतीय संस्कृति का केंद्र बताया। नालंदा और तक्षशिला जैसे प्राचीन विश्वविद्यालयों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि संस्कृत और भारतीय परंपराएं देश की सांस्कृतिक धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि विदेशी प्रभाव के कारण संस्कृत शिक्षा को नुकसान हुआ, लेकिन अब इसे पुनर्जीवित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 12 छात्रों को प्रतीकात्मक चेक प्रदान कर छात्रवृत्ति योजना की शुरुआत की, जिसके तहत उत्तर प्रदेश में संस्कृत पढ़ने वाले 69,195 छात्रों को वित्तीय सहायता दी जाएगी। छात्रों को उनकी कक्षा के अनुसार ₹50 से ₹250 तक मासिक छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।

समारोह में वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक स्वस्तिवाचन के साथ आध्यात्मिक वातावरण बना। इसमें काशी विश्वनाथ न्यास परिषद के अध्यक्ष प्रो. नागेन्द्रनाथ पाण्डेय, पद्मश्री प्रो. वशिष्ठ त्रिपाठी और अन्य गणमान्य अतिथियों ने शिरकत की। यह आयोजन संस्कृत और भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने की सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।